पटना में हुए जलजमाव के दोषी 13 इंजीनियरों को निलंबन की अधिसूचना जारी हो गई। सरकार की ओर से लिए गए निर्णय के आलोक में पथ निर्माण ने 5 और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 8 इंजीनियरों के निलंबन की अधिसूचना जारी कर दी। निलंबित इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चलेगी। 
निलंबित इंजीनियरों में पथ निर्माण विभाग के पांच इंजीनियर शामिल हैं। इसमें अभियंता प्रमुख भवानी नंदन भी शामिल हैं। नगर विकास विभाग में तत्कालीन मुख्य अभियंता रहे भवानी नंदन इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पटना में ही रहेगा। इन पर विभाग ने अलग से विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया है। जल्द ही इनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया जाएगा। वहीं अन्य चार इंजीनियरों में अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियंता संजीव चौधरी, सूर्यकांत और योगेन्द्र कुमार शामिल हैं। विशेष सचिव की ओर से जारी आदेश में सभी इंजीनियरों पर जल्द ही आरोप पत्र गठित करने को कहा गया है ताकि इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू हो सके।
दूसरी ओर पीएचईडी ने अधीक्षण अभियंता रामचंद्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता सुदर्शन प्रसाद सिंह, संतोष कुमार व दयाशंकर प्रसाद, कनीय अभियंता विजय कुमार सिंह, सतीश कुमार, राज कुमार और अनिल कुमार महतो शामिल हैं। 
उल्लेखनीय है कि सितम्बर 2019 में बारिश के कारण जलजमाव हो गया था। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय जांच समिति ने इस मामले की जांच की। समिति ने अपनी जांच में 27 अधिकारियों को दोषी माना। समिति की अनुशंसा के आलोक में जलजमाव के दोषी अधिकारी और इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय आदेश शुरू हो गया है। इसी कड़ी में पथ निर्माण और पीएचईडी ने 13 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। 
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