• समान काम के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे शिक्षक
  • वीक्षण व मूल्यांकन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले शिक्षक होंगे बर्खास्त
  • पटना. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शहर के सभी सरकारी स्कूलों में तालाबंदी कर दी गयी। इस वजह से बिना पढ़े ही घर लौट गए। हालांकि बच्चों को बता दिया गया था कि सोमवार से स्कूलों में शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगी। सरकार की ओर से कोई सूचना जारी नहीं होने की वजह से स्कूलों में बच्चे तय समय पर पहुंच गए। उपस्थित शिक्षकों ने पहले बच्चों को प्रार्थना करवाया। फिर उन्हें समझाया कि स्कूलों में नियोजित शिक्षकों की हड़ताल है। इस वजह से स्कूलों में पठन-पाठन और अन्य गतिविधि अनिश्चितकाल समय के लिए बंद कर दी गयी है। 
    बच्चों को बताया गया कि सरकार से वार्ता चल रही है। सरकार से सकारात्मक वार्ता होने के बाद मीडिया के माध्यम से उन्हें हड़ताल समाप्त होने की सूचना दे दी जाएगी। इसके अलावे बच्चों के घर जाकर भी स्कूल खुलने की सूचना दे दी जाएगी। हड़ताल का सबसे अधिक असर बच्चों के पठन पाठन पर पड़ेगा। मार्च में बच्चों की परीक्षा भी है। शहर से अधिक प्रखंड के स्कूलों में हड़ताल का असर देखने को मिला। स्कूलों में शिक्षकों ने तालाबंदी करते हुए धरना और प्रदर्शन किया। 
    परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के महासचिव आनंद मिश्रा ने कहा कि हमारे आह्वान पर बिहार के 74000 स्कूलों में लटक गए ताले लगा दिए गए हैं। बिहार के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। प्रारंभिक से लेकर 10+2 तक के सभी विद्यालयों में 17 फरवरी से अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी हो गया। बिहार सरकार से नियोजित शिक्षकों की मांग है कि पुराने शिक्षकों के तरह उनको भी वेतनमान दिया जाए। सेवा शर्त नियमावली उनके लिए भी बने, पुरानी पेंशन योजना एवं अनुकंपा का लाभ दिया जाए। धरना और प्रदर्शन में अमित कुमार, विजय सिंह यादव सहित कई अन्य शिक्षक शामिल रहे।
    सरकार ने कहा- वीक्षण व मूल्यांकन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले शिक्षक होंगे बर्खास्त
    बिहार सरकार ने नियोजित शिक्षकों की हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। मैट्रिक परीक्षा संचालन, वीक्षण और मूल्यांकन में व्यवधान उत्पन्न करने वाले शिक्षकों को बर्खास्त कर वर्तमान नियोजन प्रक्रिया से ही इन रिक्तियों पर नए शिक्षकों की नियुक्त का आदेश दिया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त और सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा। 
    पत्र में कहा गया है कि ऐसे शिक्षकों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करते हुए इनकी सेवा समाप्त कर दें। जिन शिक्षकों को मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण या मूल्यांकन कार्य में लगाया गया है और वो योगदान नहीं दिए हैं, तो उन पर कार्रवाई करें। शिक्षा विभाग ने यह भी दावा किया कि मैट्रिक परीक्षा के संचालन और वीक्षण कार्य के लिए जिन नियोजित शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, सभी ने योगदान दिया। पूरे राज्य में परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त हुई। हड़ताल का कोई असर परीक्षा पर नहीं पड़ा है। वहीं बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के राज्य संयोजक ब्रजनंदन शर्मा ने कहा कि अगर किसी भी शिक्षक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हुई तो, आंदोलन को और उग्र करेंगे। वहीं समिति की कोर कमेटी के सदस्य मार्कंडेय ने कहा कि शत-प्रतिशत टेट शिक्षक हड़ताल पर हैं।
    परीक्षा में सहयोग नहीं करने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर बनाई जा रही है सूची
    शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के हड़ताल पर जाने की सूचना को देखते हुए विभाग ने मैट्रिक परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई। जिलों में मैट्रिक परीक्षा आयोजित करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जिन नियोजित शिक्षकों को वीक्षण कार्य के लिए प्रतिनियुक्ति किया गया था, उनमें से अधिकांश ने वीक्षण कार्य किया। जो शिक्षक वीक्षण कार्य में सहयोग नहीं किया है, उनकी पहचान कर सूची बनाई जा रही है। ऐसे शिक्षकों पर कानूनी और अनुशासनिक कार्रवाई होगी।
    बच्चों को मिडडे मील का भोजन कराने के बाद कहा- हड़ताल है
    बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति की ओर से नियमित और नियोजित शिक्षकों की मांगों को लेकर सोमवार से शिक्षक हड़ताल में पूर्ण रूप से शामिल हो गए। गर्दनीबाग अंचल के पुनाईचक मध्य विद्यालय में शिक्षकों की टोली स्कूल में तालाबंदी करने और शिक्षकों को हड़ताल में शामिल करने गयी। कन्या मध्य विद्यालय और मध्य विद्यालय पुनाईचक के बच्चों को मीड डे मील का भोजन करवाया गया। उसके बाद बच्चों को बताया गया कि स्कूल में हड़ताल है। नौबतपुर, बिक्रम, बाढ़, मसौढ़ी, पंडारक, मोकामा आदि सभी प्रखंडों के शिक्षकों ने प्रखंड संसाधन केंद्रों पर धरना और प्रदर्शन किया।
    शिक्षकों ने दी चेतावनी, मांगें नहीं मानी गईं तो होगा उग्र आंदोलन
    हड़ताली शिक्षकों ने दावा किया कि स्कूलों में पठन-पाठन पूरी तरह से ठप रहा। बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर शिक्षकों ने राज्यव्यापी हड़ताल में शामिल हो गए है। संघ की ओर से दावा किया गया है कि लगभग 76000 स्कूलों में तालाबंदी कर दी गयी है। भुवनेश्वर शिक्षक सेवा सदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति के संयोजक ब्रजनंदन शर्मा ने कहा कि हमारी हड़ताल मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगी। सरकार ने एक भी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की तो उग्र आंदोलन होगा। शिक्षक संघ के कार्यालय हड़ताल अवधि तक वार रुम की तरह काम करेगा।
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