भारतवंशी जागृति यात्रा के दौरान शुक्रवार को प्रखंड परिसर स्थित अम्बेडकर की प्रतिमा पर सासंद गिरिराज सिंह के द्वारा माल्यार्पण करने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शनिवार को विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सासंद द्वारा अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। साथ ही उनके माल्यार्पण से अम्बेडकर की प्रतिमा के अशुद्ध होने का आरोप लगाते हुए इसे गंगाजल एवं नल के जल से धोकर शुद्धिकरण किया। दूसरी ओर भाजपाइयों ने विपक्षी दलों के इस रवैये पर गहरी नाराजगी जतायी है।  
भाकपा के सरोज ने कहा कि हिन्दू एवं मुस्लिम के बीच भेदभाव रखने वाले, संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले एवं आरएसएस के इशारे पर चलने वाले सासंद गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था। संविधान में आस्था नहीं रखने वाले ऐसे सासंद अम्बेडकर के अनुयायी कैसे हो सकते हैं। उनके द्वारा माल्यार्पण करने से अम्बेडकर की प्रतिमा अशुद्ध हो गयी है। फलस्वरूप अम्बेडकर की प्रतिमा को गंगाजल एवं नल के जल से धोकर शुद्धिकरण किया गया है। 
मौके पर युवा राजद के जिला महासचिव विकास पासवान, भाकपा माले नेता इन्द्रदेव राम, अम्बेडकर मिशन के अध्यक्ष रूप नारायण पासवान, आइसा के प्रखंड उपाध्यक्ष प्रशांत कुमार कश्यप, मोहन पासवान, मनोज पासवान, प्रियांशु कुमार, राम प्रवेश यादव, आशीष राज, चिंकू अहीर, श्याम कुमार, विजय पासवान, अतुल कुमार आदि थे। 
विपक्षी दलों का यह रवैया मानसिक दिवालियापन का परिचायक: बीजेपी 
इधर, भाजपाइयों का कहना है कि भारतवंशी जनजागृति यात्रा के दौरान बेगूसराय सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बलिया प्रखंड मैदान स्थित संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की थी। लेकिन,  शुद्धिकरण का नाम देकर उस प्रतिमा को धोना वामपंथ एवं राजद की घृणित मानसिकता को दर्शाता है। बीजेपी जिलाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने कहा कि विपक्षी दलों ने एक बार फिर समाज को पृथक करने का काम किया है। कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर किसी एक जाति अथवा किसी एक पंथ के नहीं हैं। उनकी छवि संपूर्ण राष्ट्र में व्याप्त है। विपक्षी दल अपनी राजनीतिक अस्मिता बचाए रखने के लिए  संविधान का नाम लेकर राष्ट्र को गुमराह करने में लगे हैं। उनकी असली मंशा केवल सत्ता प्राप्ति की है।
वामपंथ व राजद को बिहार के लोगों ने पूर्ण रूप से नकार दिया है। वैसी राजनीतिक पार्टी के लोग बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रति सम्मान की बातें कभी नहीं कर सकते हैं एवं ना ही संविधान में अपनी आस्था रख सकते हैं। यह राष्ट्र अब अलगाववादी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। भाजपा नेता अमर कुमार, अमरेंद्र अमर, राजेश अम्बष्ठ, जनार्दन पटेल, इंदु मिश्रा, ललन सिंह, अशोक यादव, राकेश रौशन आदि ने विपक्षी दलों के इस रवैये की निंदा की।
by shubhanshu (mtvnews.in)
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