उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि लालू प्रसाद के राजनीतिक और जैविक उत्तराधिकारियों को एक सिपाही के खिलाफ अनुशाननात्मक कार्रवाई पर बोलने से पहले तथ्यों की जानकारी लेनी चाहिए थी। उन्हें यह भी जानना चाहिए था कि उनके माता-पिता के राज में सिपाही क्या, आइएएस-आइपीएस स्तर के अधिकारियों को किस तरह अपमानित किया जाता था। राजद बताए कि उसके शासनकाल में कई योग्य और ईमानदार अफसरों ने बिहार से बाहर तबादले क्यों करा लिए थे।
शनिवार को ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद ने एक चुनाव  से पहले हाजीपुर में अपने वाहन की जांच करने वाले अफसरों को चप्पल मार कर सीधा करने की धमकी सार्वजनिक रूप से दी 
थी। आरोप लगाया कि लालू-राबड़ी की संतानें यही संस्कार लेकर राजनीति में आयी हैं। इसलिए वे प्रधानमंत्री तक की चमड़ी उधेड़ने की धमकी दे चुके हैं। राजद ने अपने 15 साल के राज में नौकरशाही को भ्रष्ट और अक्षम बनाकर बिहार का विकास ठप कर दिया था। राज्य सरकार के कई निगमों को खोखला कर अनुत्पादक बना दिया था और निगम के कर्मचारियों को भूखमरी के कगार पर ला दिया था। 
by shubhanshu (mtvnews.in)
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