*जयमंगला वाहिनी एक परिचय*जय माँ जयमंगला वाहिनी परिवार*सामाजिक संगठन* *जय माँ जयमंगला*🙏🏻

वैसे तो *जय माँ जयमंगला वाहिनी* का परिचय एक लेख के जरिए देना अपने आप में एक मूर्खता होगी पर मैं देने की कोशिश करता हूं।

*जय माँ जयमंगला वाहिनी* का उदय जिसे आम भाषा मे कोयले से निकला हुआ हीरा कहा जा सकता है,
30 सितम्बर 2018, दिन रविवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष पंचमी के दिन रोहिणी नक्षत्र में सन्ध्या के समय कुछ भटके युवा (अन्य संगठन से) बैठे और उठते थे, जगह था बेगूसराय का गौरव बीपी हाई स्कूल का मैदान, जिसमे सर्वसम्मति से एक फैसला हुआ कि अपनी संस्कृति, अपने विरासत को संजोने के लिए एक हम लोगों का अपना संगठन होना चाहिए जिसमें हम बिना किसी दबाव के अपनी बात को बेबाकी से रख सकें और उस पर अमल कर कार्य कर सकें।  बेगूसराय के लिए आज तक हम लोगों बहुत मेहनत किया लेकिन सब गलत दिशा में चल गया, तो आज से हमलोग वो करेंगे जिसके जिम्मेदार व सलाहकार सब हम होंगे, तभी माता *जय माँ जयमंगला नाम पर एक सामाजिक संगठन का उदय हुआ, जिसका नाम पड़ा *जयमंगलावाहिनी* जिसे हर तरफ से राजनीति के मैदान से दूर रखते हुए समाज-हिंदुत्व-धरोहर व जरूरतमन्दो के लिए इस्तेमाल किया गया,
आज तमाम ताम-झाम, वाद-विवाद से दूर रहकर अपने स्लोगन का कद्र करते हुए सैकड़ो लोगों का दिल जीतते हुए सहयोग पाते हुए, हमारा संगठन अनवरत रूप से आगे बढ़ रहा है, जो कि इस संगठन के भटके (हम जैसे) कार्यकर्ताओं के लिए काफी गर्व की बात है।
इस संगठन के सहयोग में समस्त कार्यकर्ताओं का जो योगदान है वो काबिले तारीफ है।
अगर सही नज़रों से देखा जाए तो *जय माँ जयमंगला वाहिन* कोई संगठन नही बल्कि एक परिवार है,जहाँ कार्यकर्ता कम परिवार के सदस्य ज्यादा हैं।

                  अपने उदय से लेकर अभी तक बिना किसी विवाद, बिना किसी कठिनाई और बिना किसी राजनीतिक दबाव के माता के आशीर्वाद से सामाजिक सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण, स्वनिर्भरता, साक्षरता, रक्तदान करना और रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक करने, सांस्कृतिक उत्थान एवं प्रकृति के धरोहरों को संजो कर रखने के लिए प्रयासरत है। *जय माँ जयमंगला वाहिनी* के द्वारा वैसे तो अपने उदय के इतने कम समय में इतना ज्यादा सामाजिक कार्य किया गया है और किया जा रहा है जिसके बारे में बताने में एक पूरी किताब लिखी जा सकती है पर मै उनमें से कुछ को बताना चाहूंगा जिसमें हमें अपार सफलताएं और अपार जनसमर्थन मिला है।
                     जयमंगला वाहिनी के *मंदिर चलो कार्यक्रम* कि अगर हम बात करें तो सर्वप्रथम इसे बेगूसराय के ऐतिहासिक विरासत *माँ  काली मंदिर में हर शनिवार के दिन प्रसाद वितरण का कार्यक्रम शुरू किया गया था जो कि आज भी अनवरत रूप से जारी है और हम लोगों को मंदिर आने के लिए आकर्षित कर रहे हैं जिसमें हम बहुत ज्यादा सफल हुए हैं। इस कार्यक्रम में जिस प्रकार का हमें स्थानीय लोगों का प्यार मिला उसके लिए जयमंगला वाहिनी परिवार सभी का आभार प्रकट करती है। आज के समय में हमारा यह कार्यक्रम एक मंदिर से शुरू होकर जिले भर के विभिन्न 21से ज्यादा मंदिरों में शुरू हो चुका है और अनवरत जारी है। हमारी एक और महत्वपूर्ण और बेहद सफल *रक्तदान महादान* का कार्यक्रम जिस तरह आज नई बुलंदियों पर है वह हम सबों के लिए ही नहीं वरण संपूर्ण समाज के लिए गौरव का विषय है। अपने अल्पकाल में ही *जय माँ जयमंगला वाहिनी के द्वारा पाँच सौ से ज्यादा रक्तदान करवाए जा चुके हैं जो कि अपने आप में बेमिसाल है। इस कार्यक्रम के लिए *जयमंगला वाहिनी को बेगूसराय ही नहीं वरण पूरे प्रदेश भर में सम्मान और वाहवाही मिली है। इसके बाद वाहिनी परिवार की एक और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम *बेटी बचाओ* के तहत समाज में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दे रही है। हमारे इस कार्यक्रम के अंतर्गत *बेटी अगर आपको बुरा लगे तो उसे फेंके नहीं हमें दे, हम उसकी देखभाल करेंगे* के ध्येय से आगे बढ़ रहा है।
                           
                             अपने उदय से लेकर अब तक जयमंगला वाहिनी *राजनीति से दूर, एक कदम, अपनी संस्कृति अपनी विरासत के लिए* के नारे के साथ जिस प्रकार से आगे बढ़ रही है वह काबिले तारीफ है और जिस तरह से वाहिनी
 परिवार को अब तक जन समर्थन और समाज का प्यार मिला है उस तरह से *जय माँ जयमंगलावाहिनी* अभी और आगे तक जाएगी और आने वाले पीढ़ी के लिए एक अच्छा वरदान साबित होगी।

*जय माँ जयमंगला*
      *जय जयमंगला वाहिनी*
🙏🏻🙏🏻💐🙏🏻🙏🏻
By Shubhanshu (mtvnews.in)
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