बेगूसराय : पिछले दिनों में चेरियाबरियारपुर थाना हाजत में बंद आरोपित का वीडियो बनवाने का मामला तूल पकड़ने लगा तो खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे बाली बात होने लगी। जी हां पुलिस ने मेहदा शाहपुर निवासी एक व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित बना दिया। पुलिस ने कहा है कि मेहदा शाहपुर निवासी छोटू सिंह ने थाना हाजत में बंद आरोपित दीक्षांत कुमार के बयानों का वीडियो बना लिया। इससे पुलिस की छवि धूमिल हो रही है।आपको बता दें वीडियो में बोला जा रहा था कि हम पुलिस को पैसा देकर शराब बेचते हैं। ये बात माननीय हाई कोर्ट पटना और बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे भी हाल ही में बोले हैं कि शराब बिना संरक्षण का बिक ही नहीं सकता है। ज्ञात हो कि पुलिस ने दो दिन पहले देशी विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार अपराधी को जेल भेज दिया था। इसी क्रम में जब हाजत में बंद आरोपी का वीडियो बना उसके बाद सोशल मीडिया में तेजी से वायरल होने लगा था।
जब पुलिस को आईटी एक्ट का आया याद
अमूमन बैंक खाता से पैसा गायब होने या मोबाइल खोने वगैरह की शिकायत करने जब जनता थाना जाती तो ज्यादातर मामले में पुलिस आईटी एक्ट में मामला न उलझाकर सीधा साधा आवेदन जमा कर लेती है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पिछले साल आईटी से फ्रॉडिज्म के ज्यादातर मामले में जिला के ज्यादातर थाने के पुलिस की हाथ अधिकतर मामलों में खाली है। वीडियो वायरल करने के मामले में नीरज कुमार सिंह ने बताया कि आईटी एक्ट और मानहानि के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। दूसरे तरफ पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इन सभी घटनाक्रमों के बीच पुलिस के वरीय अधिकारी के द्वारा पुलिस पर आंच आने बावजूद न तो कोई जांच टीम बनाई है और न ही कुछ मीडिया को बताया जा रहा है।
बेगूसराय बीजेपी नेता ने भी थाना के संरक्षण में शराब बिकने की बात प्रेस कॉन्फ्रेंस में बतायी
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के सदस्य ,अधिवक्ता सह बीजेपी नेता अमरेंद्र कुमार अमर ने मीडिया को बताया की बेगूसराय जिला के कई थाना क्षेत्र में पुलिस के संरक्षण में अवैध रूप से शराब की बिक्री बेरोक टोक जारी है।
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