बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना से महज 300 मीटर दूर लालगंज गांव से रविवार की रात मवेशी चोरों ने एक भैंस चुरा ली। ग्रामीणों को भनक लगी तो पीछा करने लगे। भगवानपुर मुशहरी गांव के पास किशोर ने एक चोर को पकड़ लिया। पीछे से आ रहे दूसरे चोर ने उसके सिर में गोली मार दी। उसे इलाज के लिए पटना ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मृतक हिरामन मांझी का 15 वर्षीय पुत्र चंद्रदीप मांझी था। वह सोमवार से बिहारशरीफ के बड़ी पहाड़ी हाई स्कूल में मैट्रिक की परीक्षा देने वाला था। इसी वजह से देर रात तक दोस्तों के साथ परीक्षा की तैयारी कर रहा था। शोरगुल सुनकर घर से बाहर निकला और एक चोर को पकड़ लिया। हादसे के बाद ग्रामीण गुस्से में हैं। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजन के हवाले कर दिया है। थानाध्यक्ष चंचल कुमार ने बताया कि पुलिस अपराधियों की तलाश में जुट गयी है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
बेखौफ चोरों ने लालगंज निवासी दिनेश कुमार के झोपड़ीनुमा घर से सवा 10 बजे रात में ही भैंस चुरा ली और भागने लगे। इसी दौरान घरवालों की नजर उनपर पड़ी। शोर मचाया तो ग्रामीण चोरों को खदेड़ने लगे। करीब 200 मीटर दूर भगवानपुर-मुशहरी गांव के लोग भी जाग गये। चोर जैसे ही मुशहरी के पास ढलाई सड़क पर चढ़े, चन्द्रदीप ने एक चोर को पकड़ लिया। इसी दौरान दूसरे चोर ने उसे गोली मार दी। गोली मारने के बाद भैंस छोड़कर चोर निकल भागे। आनन-फानन में घायल को चंडी अस्पताल लाया गया। प्राथमिकी उपचार के बाद बिहारशरीफ भेजा गया। वहां से पटना रेफर कर दिया गया। पटना पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गयी।
ग्रामीणों के गुस्से को देख गांव बनी पुलिस छावनी
पटना से जैसे ही किशोर के मौत की खबर लगी, गांव में चीत्कार मच गया। ग्रामीण गुस्सा होकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे। शव लाये जाने से पहले ही गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चंडी के अलावा नगरनौसा, वेना, हरनौत समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस गांव पहुंच गयी। जैतीपुर मोड़ और मृतक के घर के पास पुलिस कैम्प कर रही है।
गश्ती पर उठाया सवाल
लोगों पुलिस की गश्ती पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि थाना के कुछ ही दूरी पर चोरी हुई। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े लेकिन पुलिस को पता नहीं चला। सूचना मिलने के बाद पुलिस देर से पहुंचती है। चंडी बाजार से जैतीपुर तक रात में पुलिस पैदल गश्ती करती है। गश्ती होने के बाद भी चोरी कैसे हो गयी। 
टूट गये घरवालों के सपने
चंद्रदीप पांच भाइयों में सबसे छोटा था। घरवाले उसे पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना चाहते थे। लेकिन, एक झटके में उनका सपना टूट गया। मृतक के परिजन को पारिवारिक लाभ के तहत 20 हजार व कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये दिये गये हैं। 
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