थाना क्षेत्र के साहेबपुरकमाल गांव में मंगलवार की रात सुरेश यादव के खपरैल घर में अचानक लगी भीषण आग में दादी-पोता जिंदा जल गये। साथ ही तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गये। मृतकों में सुरेश यादव की 55 वर्षीया पत्नी माला देवी व तीन वर्षीय पोता विष्णु कुमार का शामिल है। वहीं, जख्मियों में सुरेश यादव का पुत्र 25 वर्षीय लालू यादव, लालू की पत्नी गुंजन देवी व 10 माह की पुत्री सीमा कुमारी है। तीनों जख्मियों का इलाज निजी क्लीनिक में चल रहा है जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी है। ग्रामीणों के मुताबिक घटना करीब साढ़े नौ व दस बजे के बीच की है। उस समय पीड़ित परिवार के सारे लोग गहरी नींद में सोये थे। पुलिस ने दोनों लाशों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। एक ही परिवार के जिंदा जलने से दो की मौत व तीन के झुलसने से जख्मी होने की खबर जिले में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।पीड़ित परिजनों के अनुसार आग लगने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ साहसी युवकों ने घर की दीवार तोड़ कर अंदर में फंसे लालू, उसकी पत्नी व पुत्री को बाहर निकालकर जान बचायी। यदि युवकों ने जांबाजी नहीं दिखाते तो तीनों भी जिंदा जल गये होते। जख्मी लालू ने बताया कि रात के करीब साढ़े नौ बजे अचानक बीच आंगन में घर के मुख्य दरवाजे के पास आग की तेज लपटों के कारण जब जगा तो देखा कि घर धू-धूकर जल रहा है। जान बचाने के लिए वह जोर से हल्ला कर लोगों को मदद के लिए बुलाया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। देखते ही देखते आग ने रौद्र रुप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थी कि जमा हुए ग्रामीणों को आग पर काबू पाने में अधिक समय लग गया। जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक दो लोग जिंदा जल चुके थे।दादी व पोता बरामदा पर सोये थे परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि जख्मी लालू व उसकी पत्नी अपनी 10 माह की पुत्री के साथ घर के अंदर सोये थे। जबकि लालू की मां व तीन वर्षीय पुत्र विष्णु घर बाहर बरामदे पर सोये थे। इसी बरामदे पर मेन गेट था। आशंका है कि आग यहीं से पकड़ी होगी और देखते ही चारों ओर फैल गयी। इससे बाहर निकलने का एक मात्र रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। नतीजतन लोग बाहर नहीं निकल सके व जिंदा जल गये। ग्रामीणों ने बताया कि आग काबू होने में देर होने पर ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए घर के पीछे की दीवार तोड़ गंभीर रूप से झुलस चुके तीनों लोगों को बाहर निकाला व इलाज के लिए पीएचसी में भर्ती कराया, जहां बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने बेगूसराय रेफर कर दिया। ग्रामीणों की सूचना पर देर से मौके पर पहुंचा अग्निशमन दस्ता ने आग पर काबू पाने में मदद की। थाना पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को कब्जे में ले बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। इधर, एक परिवार के दो लोगों की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। परिजन महिलाओं के चित्कार से गांव का माहौल दिनभर गमगीन बना रहा। अगलगी की घटना से तबाह हुआ परिवार साहेबपुरकमाल। मंगलवार की रात अगलगी की भीषण घटना सुरेश यादव के परिवार के लिए कहर बन गयी। परिवार का न केवल आशियाना उजड़ गया बल्कि पूरा परिवार तबाह हो गया। खाद्यान्न, कपड़े, बर्तन, चौकी सब जलकर राख हो गये। हादसे में 60 वर्षीय सुरेश यादव की पत्नी व पोता जिंदा जले ही, साथ ही एक मात्र कमाऊ पुत्र लालू सहित पतोहू व 10 माह की पोती भी गंभीर झुलस गयी। उनकी हालत चिंताजनक है। पीड़ित 60 वर्षीय सुरेश यादव के अनुसार अगलगी की घटना में घर में रखी नकदी समेत लाखो रुपये के सामान जलकर राख हो गये। पीड़ित के अनुसार जख्मी लालू ने मकान बनाने के लिए रुपये कर्ज ले रखा था। वह घर में रखा था। कुल मिलाकर अब परिवार की सारी जिम्मेदारी बूढ़े कंधे पर आ गई है। पीड़ित परिवार के साथ जिला प्रशासन है खड़ाएक ही परिवार के दो लोगों की मौत व तीन लोगों के जख्मी होने की खबर के बाद स्थानीय प्रशासन के अधिकारी पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिला व ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। सीओ जयकृष्ण प्रसाद ने कहा पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
by shubhanshu (mtvnews.in)
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