दिल्ली में मिलित ओडिशा नशा निवारण अभियान द्वारा 'शराब मुक्त भारत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बतौर चीफ गेस्ट शिरकत की. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की तरह पूरे देश में शराबबंदी लागू होनी चाहिए.
पटना: दिल्ली में 'शराब-मुक्त भारत' पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस कार्यक्रम में उन्होंने देश के अलग-अलग शहरों से आए लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की तरह पूरे देश में शराबबंदी होनी चाहिए.

कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने कहा, "बिहार में शराबबंदी पूरे देश के लिए मिसाल है. पूरे देश में शराबबंदी लागू होनी चाहिए. यह सामाजिक, धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी आवश्यक है." उन्होंने कहा, "शराबबंदी का राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है."
बिहार में शराबबंदी अभियान के बारे में अपने अनुभवों को मुख्यमंत्री ने विस्तार से रखा. उन्होंने कहा, "ग्रामीण इलाकों में रह रहे गरीब लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर देते थे. इसका सबसे बुरा प्रभाव निर्धन लोगों के स्वास्थ्य और उनकी आर्थिक स्थिति, घरेलू शांति के साथ महिलाओं के सम्मान पर पड़ रहा था. इसको देखते हुए ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने अपने स्तर पर शराब के खिलाफ आवाज उठाई और इस पर रोक लगाने की मांग की. जिसके बाद राज्य में शराबबंदी को लागू किया गया.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "पूर्ण शराबबंदी से समाज अधिक सशक्त, स्वस्थ और संयमी हो रहा है, जिसका प्रभाव बिहार की प्रगति हो रही है. शराबबंदी के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य में बेहतरी, परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार, पारिवारिक हिंसा, घरेलू कलह और सामाजिक अपराध में कमी आ रही है. इसका सकारात्मक प्रभाव सामाजिक सौहार्द्र पर पड़ा है साथ ही गांव और शहरों में शांति, सद्भाव का माहौल कायम हुआ है."

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