• डीईओ ज्योति कुमार ने दो शिक्षकों की बर्खास्तगी का पत्र जारी किया
  • दोनों पर मैट्रिक परीक्षा के दौरान वीक्षण कार्य नहीं करने का आरोप है
  • पटना. मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण कार्य के लिए ड्यूटी के बावजूद हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जाने लगा है। पटना जिले के ऐसे दो शिक्षकों की बर्खास्तगी का आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जारी कर दिया।
    सरकार ने बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 की धारा 10 के तहत और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए दोषी शिक्षकों को निलंबित और बर्खास्त करने की बात का आदेश पहले ही जारी किया था। इसके बाद भी कुछ शिक्षक ड्यूटी न कर हड़ताल पर चले गए। हालांकि अधिकांश जिलों से शिक्षा विभाग को रिपोर्ट मिली है कि परीक्षा में नियोजित शिक्षक भी ड्यूटी कर रहे हैं। कई जगहों पर स्कूल हड़ताल के कारण स्कूल बंद हैं, तो कई जगहों पर स्कूल खुले दिखे।
    सरकार ने शिक्षक नियोजन नियमावली का हवाला देते हुए कार्रवाई की है। पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी ज्योति कुमार ने मध्य विद्यालय नुरूद्दीगंज मालसलामी के स्नातक विज्ञान प्रशिक्षित शिक्षक मनोज कुमार को बर्खास्त किया है। इनकी ड्यूटी मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण कार्य के लिए लगाया गया था। पटना सदर के प्राथमिक विद्यालय चकारम के सहायक शिक्षक मो. मुस्तफा आआद को भी वीक्षण कार्य नहीं करने के कारण बर्खास्त किया गया है।
    पंचायती राज और नगर विकास विभाग का स्पष्ट आदेश था कि मैट्रिक परीक्षा के समय हड़ताल पर जाने वाले शिक्षक बर्खास्त होंगे। मैट्रिक की परीक्षा में वीक्षण कार्य और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपी मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने के साथ ही परीक्षा संचालन में बाधा डालने वाले सभी नगर निकायों की नियोजन इकाई से बहाल शिक्षक बर्खास्त होंगे। पंचायती राज और नगर विकास विभाग के माध्यम से राज्य में लगभग 3.57 लाख नियोजित शिक्षक हैं। नियोजित शिक्षकों के समर्थन में कुछ अन्य शिक्षक संगठनों ने भी हड़ताल पर जाने की बात कही है। हालांकि कुछ शिक्षक संघों ने मैट्रिक की परीक्षा समाप्त होने के बाद हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी।
    पंचायती राज विभाग ने सभी डीडीसी, डीएम और पंचायतीराज पदाधिकारियों को पत्र भेजा था। कहा है कि मुख्य सचिव दीपक कुमार ने हड़ताल करने, परीक्षा में बाधा डालने के साथ ही मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया था। इसके पहले भी 7 फरवरी को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने सभी डीएम, डीडीसी व डीईओ को परीक्षा में बाधा और परीक्षा कार्य का बहिष्कार करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा था।
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