PATNA : पटना में 'शुक्रिया वशिष्ठ' की शुरुआत हो चुकी है। महान गणितज्ञ पद्मश्री वशिष्ठ नारायण सिंह की याद में इस संस्थान की शुरूआत की गयी है जिसमें प्रतिभाओं को निखारने  के लिए बिहार के आईएएस और आईपीएस अधिकारी अपना योगदान देंगे। बिल्कुल सुपर-30 की तर्ज पर आर्थिक रूप से कमजोर 40 बच्चों को दो सालों तक पढ़ाई-लिखाई के साथ आवासीय सुविधा भी दी जाएगी।


आइंस्टाइन के सिद्धांत को चुनौती देने वाले महान गणितज्ञ पद्मश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह के स्मृतियों को सहेजने में लगे बिहार यूथ बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष भूषण कुमार सिंह बबलू और वशिष्ठ बाबू के भतीजे मुकेश कुमार सिंह के अथक प्रयास से 'शुक्रिया वशिष्ठ की शुरुआत पटना के आशियाना मोड़ स्थित रामनगरी में हो हुई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने संस्थान का उद्घाटन के मौके पर कहा कि पद्मश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह जैसी शख्सियते कभी नहीं मरती उनके ज्ञान विज्ञान सदैव अमर रहते है हमें गर्व है कि हम ऐसी माटी मे जन्मे है जहां ऐसी विभूतियां पैदा हुई है। वहीं पटना के डीएम कुमार रवि ने कहा यह काफी बेहतर प्रयास है कि ऐसे संस्थान की शुरुआत हुई है जिसमें बिहार के 40 निर्धन सह मेधावी छात्रों को निशुल्क इंजिनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराई जाएगी।

'शुक्रिया वशिष्ठ' में क्लासरूम के साथ ही लाइब्रेरी की भी सुविधा दी जाएगी। बच्चों का नामांकन टेस्ट के आधार पर होगा और इसके लिए राज्य स्तरीय परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। दरअसल यह सब वशिष्ठ नारायण सिंह के परिवारवालों की उस पहल का परिणाम है, जिसकी परिकल्पना उनके जीते जी की गई थी। संस्थान की लाइब्रेरी में वशिष्ठ नारायण सिंह की लिखित किताबें, चिट्ठी, उनके संस्मरण और दुर्लभ और उपयोगी किताबें रखी गई हैं। संस्थान में नेतरहाट ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन के लोग जुड़े हैं। इसके साथ ही मौजूदा आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी इसमें बच्चों को पढ़ाएंगे
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