एनआरसी पर बिहार बंद कराने वाले जनता से माफी मांगें, अगर जरूरत हुई तो लागू होगा एनआरसी
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में पुराने प्रारूप पर जनगणना कराने और एनआरसी लागू करने की कोई जरूरत महसूस न करने का राज्य सरकार का रुख हमेशा साफ रहा। विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होने के बाद एनडीए सरकार की मंशा पर सवाल उठा कर एक समुदाय विशेष को नागरिकता छिन जाने का काल्पनिक भय दिखाने वाले चेहरे बेनकाब हो गए हैं। इस मुद्दे पर तीन बार बिहार बंद कराकर करोड़ों लोगों को मुसीबत में डालने वाले दलों को जनता से माफी मांगनी चाहिए। एक अन्य ट्वीट में कहा कि महात्मा गांधी जैसे राष्ट्रनायकों की भावना के अनुरूप लागू नागरिकता कानून को जो लोग साम्प्रदायिक रंग देने के लिए शाहीन बाग में धरना दे रहे हैं और जिन लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की दिल्ली यात्रा के समय राजधानी में दंगे कराये, उन उन्मादियों की निंदा में एक शब्द भी न बोलने वाले कांग्रेस, राजद के लोग केवल पुलिस को क्यों कोस रहे हैं। यह संयोग नहीं कि सोनिया गांधी, केजरीवाल और ओवैसी एक सुर बोल रहे हैं।


Share To:

Post A Comment: