चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोटस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस सीबीआई की अपील पर दिया है जिसमें जांच एजेंसी ने रांची हाईकोर्ट द्वारा लालू को जमानत देने का विरोध किया है। रांची हाईकोर्ट ने देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू को जमानत दी थी। 
सीजेआई शरद अरविंद बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने लालू प्रसाद यादव को नोटिस जारी किया है। सीबीआई द्वारा दायर अपील पर कोर्ट ने लालू से जवाब मांगा। आपको बता दें कि 12 जुलाई 2019 को हाईकोर्ट ने लालू को चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में जमानत दी थी। यह मामला देवघर कोषागार से 90 लाख रुपए की अवैध निकासी का है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने 50-50 हजार रुपए के दो निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दी थी। सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी। 10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया था।
A three-judge bench of Supreme Court, headed by CJI Sharad Arvind Bobde, issues notice to Lalu Prasad Yadav, seeking a response from him on the appeal filed by the CBI which had moved the Apex Court challenging the bail granted to him by Jharkhand High Court. (file pic)
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क्या था मामला
बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद को देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई कोर्ट ने साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इस मामले में वह डेढ़ साल से जेल में है। करीब आधी सजा वह काट चुके हैं। लालू प्रसाद ने इसी आधार पर जमानत देने के लिए याचिका दायर की थी। आधी सजा काटने पर सुप्रीम कोर्ट  और हाईकोर्ट ने कई दोषियों को जमानत दी है। इसी को आधार बनाते हुए लालू प्रसाद ने जमानत याचिका दायर की थी और जमानत पाई थी।

इसी मामले में सीबीआई की ओर से पहले ही एक याचिका दायर की गई थी। इसमें हाईकोर्ट से साढ़े तीन साल की सजा को बढ़ाने का आग्रह किया गया था। सीबीआई का कहना है कि लालू के साथ अन्य कई आरोपियों को पांच साल की सजा सुनायी गयी। लालू पर भी वही आरोप हैं। इस कारण उनकी सजा साढ़े तीन साल से बढ़ाकर पांच साल करनी चाहिए। 
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