नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड ( Nirbhaya Gangrape Case ) मामले में हर रोज एक नया मोड़ सामने आ रहा है। इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने विनय ( Vinay ) की याचिका को खारिज कर दिया है। विनय ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( President Ramnath Kovind ) की ओर से खारिज की गई दया याचिका को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है।
सुनवाई के दौरान विनय ने खुद को मानिसक रूप से अस्वस्थ्य बताया था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने जांच के बाद विनय को मानिसक रूप से स्वस्थ्य बताते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
विनय की याचिका खारिज होते ही निर्भया के चार दोषियों में से तीन दोषियों के पास सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं।
निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड मामले में अब चार दोषियों में से सिर्फ दोषी पवन गुप्ता के पास ही फांसी से बचाव के विकल्प बाकी रह गए हैं।
ये विकल्प हैं बाकी चौथे दोषी पवन गुप्ता के पास जो तीन विकल्प मौजूद हैं उनमें क्यूरेटिव पिटिशन दायर करने, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया याचिका भेजने और दया याचिका खारिज होने पर इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प बाकी है।
आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
वहीं चारों दोषियों के नए डेथ वारंट को लेकर निर्भया के माता-पिता ने एक बार फिर पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। हालांकि इस मामले पर अभी कोर्ट ने 17 फरवरी तारीख को सुनवाई तय की है।

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