बेगूसराय के मंझौल में होने वाले जयमंगला महोत्सव के लिए बिहार सरकार के कला और संस्कृति विभाग ने 15 लाख रुपये की निकासी के लिए स्वीकृत आदेश निर्गत कर दिया है. पिछले वित्तीय वर्ष में ये महोत्सव नहीं हो पाया था. इससे पहले 4 मार्च 2020 को जयमंगला काबर फाउंडेशन ने बिहार सरकार के कला और संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार को ज्ञापन देकर बजट आवंटन के निकासी का अनुरोध किया था.

जयमंगला फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश राज और कोषाध्यक्ष दिवाकर भारती ने संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार से मुलाकात कर अनुरोध किया था जिसके बाद संस्कृति विभाग ने प्रधान सचिव को जयमंगला महोत्सव की संचिका उपस्थापित करने का निर्देश दिया और अगले ही दिन 5 मार्च 2020 को आवंटन निकासी के लिए महालेखाकार बिहार को पत्र निर्गत कर दिया गया.

पिछले वर्ष चुनाव की वजह से जयमंगला महोत्सव का आयोजन नहीं हो पाया लेकिन इस वर्ष जयमंगला फाउंडेशन और जिले के तमाम बुद्धिजीवियों और युवाओं ने जिला पदाधिकारी से महोत्सव कराने का अनुरोध किया है. कोरोना वायरस की वजह से बिहार सरकार ने भी अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं ऐसे में जिला प्रशासन के लिए जयमंगला महोत्सव का आयोजन 31 मार्च से पहले किया जाना चुनौतीपूर्ण दिखता है.

जयमंगला कावर फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश राज ने बताया कि माता जयमंगला की ख्याति में चार चांद लगाने के लिए और जयमंगला गढ़ के विकास के लिए ऐसे आयोजन की बेहद आवश्यकता है. जयमंगला गढ़ विकास से कोसों दूर है. यहां की सड़कें टूटी हुई हैं. जयमंगला गढ़ के तमाम भवन गिरने की कगार पर हैं.
18 मई 2017 को जयमंगला कावर फाउंडेशन ने जयमंगला महोत्सव का आयोजन पहली बार शुरू किया था जिसमें बिहार के तत्कालीन राज्यपाल और अब देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, स्वर कोकिला शारदा सिन्हा और तृप्ति शाक्या समेत अनेक नामचीन हस्तियों ने शिरकत की थी. बिहार सरकार के कला और संस्कृति विभाग ने 2018 में जयमंगला महोत्सव को सरकारी कैलेंडर में शामिल कर सरकारी महोत्सव का दर्जा दे दिया है.

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