जले ट्रैक्टर काे लादती जेसीबी।जहानाबाद. बालू का अवैध उत्खनन और उठाव को लेकर घोसी थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव के समीप फल्गु नदी घाट पर शुक्रवार की अहले सुबह लोदीपुर और कैरवा गांव के लोगों के बीच लगभग 20 राउंड से अधिक गोली चली। इस दौरान वर्चस्व की जंग में एक ट्रैक्टर में आग भी लगा दी गई। अहले सुबह अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा उठा। गोलीबारी की खबर मिलने के बाद नदी घाट पर पहुंची हुलासगंज थाने की पुलिस ने तीन ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। घटना स्थल घोसी थाना क्षेत्र में होने के कारण आगे की कार्रवाई घोसी पुलिस के जिम्मे है।
दरअसल, बालू के धंधे में वर्चस्व को लेकर लोदीपुर और कैरवा गांव के लोगों के बीच अक्सर गोलीबारी की घटनाएं होती रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार लोदीपुर गांव के समीप जमीन से कैरवा के लोगों द्वारा जबरन बालू का उठाव किया जा रहा था। लोदीपुर के ग्रामीणों द्वारा हमेशा इसका विरोध किया जाता रहा है। लोगों का कहना है कि जिस जमीन से लोग बालू का उठाव कर रहे हैं,  वह जमीन सरकार के द्वारा लोदीपुर के दलितों एवं पिछड़ों के बीच वितरित की गई है। लेकिन, बालू माफियाओं के द्वारा पूरी जमीन को गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है। 18 अगस्त 2019 की अहले सुबह बालू के उठाव को लेकर ही दोनों गांव के लोगों के बीच 100 राउंड से अधिक फायरिंग की गई थी। इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज है। शुक्रवार की सुबह फिर उक्त स्थल से बालू उठाने के लिए दर्जनों ट्रैक्टर पहुंचा था।
पुलिस ने ट्रैक्टरों काे किया जब्त
बालू का उठाव होता देख लोदीपुर गांव के लोग विरोध जताने लगे। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि इस विरोध को लेकर दो दर्जन राउंड से अधिक गोलीबारी हुई है तथा एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया गया है। जला हुआ ट्रैक्टर कैरवा गांव के पवन शर्मा का बताया जा रहा है। शेष एक ट्रैक्टर केरवा का एवं एक नंदना गांव का है। दोनों गांव घोसी थाना क्षेत्र में पड़ता है। हालांकि पुलिस द्वारा गोलीबारी की पुष्टि नहीं की गई है। बताया जाता है कि जले हुए ट्रैक्टर को खींच कर कैरवा की ओर ले भागने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन, इसी बीच पुलिस पहुंच गई और सभी ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया।
14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
हुलासगंज | लोदीपुर गांव के समीप शुक्रवार की सुबह बालू के वर्चस्व को लेकर हुई गोलीबारी व ट्रैक्टर जलाने के मामले को लेकर घोसी थाना क्षेत्र के कैरवा गांव निवासी धीरज कुमार के बयान पर घोसी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। सूचक ने दर्ज प्राथमिकी में 14 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है वहीं करीब 15 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज कराया है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार केरवा के संजीत कुमार उर्फ मुखिया जी उर्फ डॉक्टर साहेब साहेब की सह पर ही कैरवा के कुछ लोग लोदीपुर के दलितों के खेत पर अवैध रूप से बालू का उत्खनन करवा रहे थे। इस संबंध में हुलासगंज थाना अध्यक्ष ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी में जिन लोगों को भी नामजद किया गया है।
जिलाधिकारी और एसपी की कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा बालू खनन का अवैध धंधा 
बालू की तस्करी का धंधा इतना बड़ा आकार ले चुका है कि डीएम और एसपी के कार्रवाई के बाद भी माफियाओं पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। डीएम नवीन कुमार और एसपी मनीष ने दलबल के साथ कुछ दिनों पूर्व कई नदी घाटों पर छापेमारी की थी। इस दौरान चुनुकपुर घाट से आठ ट्रैक्टर और एक हाइवा जब्त की गई थी। मौके से छह लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। इस मामले में नंदना, मेटरा, अतियामा और चुनुकपुर गांव के 41 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस धंधे में पांच चौकीदारों की संलिप्तता भी सामने आई थी, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी बालू के तस्करों में डर व भय नहीं दिख रहा है।
अवैध खनन के खिलाफ डीएम ने लगाया दस लाख का जुर्माना 
ज्ञात हो कि एक एनजीओ द्वारा एनजीटी में फल्गु नदी से बालू के उठाव काे लेकर अपील दायर की गई थी। इस अपील के आधार पर फल्गु नदी से बालू के उत्खनन को पूर्णता प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस मामले में बालू नीति 2014 के मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में जिलाधिकारी द्वारा बंशीधर कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड को 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नगर आयुक्त को यह आदेश दिया है कि अंधाधुन बालू खनन के कारण हुए पर्यावरणीय क्षति का आकलन विशेषज्ञों के 3 सदस्य समिति के द्वारा कराई जाए ताकि क्षति की भरपाई के लिए जिम्मेदार लोगों को दोषी करार दिया जाए। लेकिन, जहानाबाद जिले को बालू के मामले में कंगाल बनाने वाले लोगों ने सारे नियमों व कानूनों को ताक पर रखकर दुस्साहस पूर्वक यह काम जारी रखा गया। इसका प्रतिफल इस तरह की घटनाओं के रूप में सामने आ रही हैं। लोगों ने बताया कि इसमें शामिल लोगों के साथ-साथ सभी पदाधिकारियों को भी दंडित किया जाए जिससे बालू का अवैध खनन बंद हो सके।
पुलिस व खनन पदाधिकारी की मिलीभगत से चल रहा धंधा 
बालू के उत्खनन और उठाव को लेकर अक्सर हो रही गोलीबारी से आसपास के लोग भी परेशान हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पुलिस और खनन पदाधिकारी की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि बालू का उठाव और उत्खनन बंद है तो फिर बालू का उत्खनन कैसे हो रहा है? लोगों का आरोप है कि बालू माफियाओं से मिलकर इस धंधे को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि घोसी पुलिस एवं खनन पदाधिकारी मधुसुधन चतुर्वेदी बालू माफियाओं से मिले हुए हैं। इसके एवज में उन्हें मोटी रकम मिलती है। लोगांे का कहना है कि आखिर क्या कारण है कि खनन पदाधिकारी के नाक के नीचे यहां से बालू उठाव कर कर के जहानाबाद में ही बेचा जाता है और पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, और जबकि जिले के बड़े-बड़े पदाधिकारी जिले में मौजूद हैं। ग्रामीणों ने इन पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच करने की मांग की है।
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