मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 32.11 किलोमीटर लंबे पटना मेट्रो के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। बुधवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के आला अधिकारी दलजीत सिंह दल-बल के साथ पटना में राज्य सरकार के आला अधिकारियों और पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (पीएमआरसी) के साथ टेंडर की प्रक्रिया काे आगे बढ़ाने के लिये बैठक करेंगे।
जापान की जाइका एजेंसी ने भी पटना मेट्रो के लिए 5400 करोड़ लोन देने की स्वीकृति दे दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि साढ़े 4 साल में पटना मेट्रो तैयार हो जाएगा। प्रायोरिटी कॉरिडोर ( राजेन्द्र नगर स्टेशन से आईएसबीटी) को साढ़े तीन साल में ही चालू करने का लक्ष्य है। स्वीकृत नए एलाइनमेंट के मुताबिक अब 24 की जगह कुल 26 स्टेशन होंगे जिसमें 13 एलिवेटेड और 13 अंडरग्राउंड होंगे। दाे नए स्टेशन रामकृष्णा नगर और जगनपुरा में बनेंगे। मेट्रो की लंबाई भी पहले की तुलना में 665 मीटर बढ़ जाएगी। 
पहला कॉरीडोर
दानापुर केन्द्रीय विद्यालय के समीप से शुरू होगा और पटना नहर के पहले गोला रोड के समीप तक एलिवेटेड होगा। वहां से बेली राेड के समानांतर पटना जू- इनकमटेक्स गोलंबर- डाकबंगला गोलंबर- पटना जंक्शन- होते बस अड्‌डा तक अंडरग्राइंड रहेगा। बस अड्‌डा के आगे से न्यू बाइपास के समानांतर पहाड़ी जीरो माइल होते आईएसबीटी तक एलिवेटेड बनेगा। 
दूसरा कॉरीडोर
पटना जंक्शन से आकाशवाणी- ज्ञान भवन- कारगिल चौक- पीएमसीएच होते साइंस कॉलेज के पहले दक्षिण की तरफ घूमते हुए राजेन्द्रनगर स्टेशन- मलाही पकड़ी चौक तक अंडर ग्राउंड बनेगा। मलाही पकड़ी चौक से खेमनीचक- न्यू बाइपास के समानांतर पहाड़ी जीरो माइल होते आईएसबीटी तक एलिवेटेड बनेगा। पटना-मसौढ़ी रोड के पूर्व की तरफ पटना मेट्रो का बड़ा डीपो बनेगा। 
रामकृष्णा नगर व जगनपुरा नए स्टेशन, 665 किमी बढ़ी मेट्रो की लंबाई
खेमनीचक से न्यू बाईपास के समानांतर पहाड़ी जीरो माईल होते आईएसबीटी तक दोनों कॉरीडोर समानांतर रहेंगे। दानापुर से मीठापुर होकर मेट्रो लाइन बाइपास होते हुए खेमनीचक में कॉरिडोर दो को क्रास करेगी। गोल्फ क्लब मेट्रो स्टेशन और एतबारपुर स्टेशन नहीं बनेगा। एतबारपुर डिपो के प्रस्ताव को रद्द करने और नए एलाइनमेंट के मुताबिक निर्माण से मेट्रो की लागत मात्र 179 करोड़ बढ़ेगी। आईएसबीटी के पास स्टाफ क्वार्टर और कमर्शियल कॉम्पलेक्स के लिए 10 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। पहले की तुलना में अब 8.85 हेक्टेयर अधिक जमीन की व्यवस्था करनी होगी। अब 230 के स्थान पर 71 स्थानों पर ही निर्माण को तोड़ना होगा। दो स्टेशनों के बीच की दूरी औसतन डेढ़ किलोमीटर होगी। 
सीएम ने इन महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी
  • पटना जंक्शन पर कॉरीडोर 1 का स्टेशन अंडरग्राउंड जमीन से 13 मीटर नीचे और कॉरीडोर 2 का स्टेशन जमीन से 17 मीटर ऊपर बनना था जो अब जमीन के नीचे अंडरग्राउंड अगल-बगल में बनेगा।
  • पटना जंक्शन से सायंस कॉलेज के पहले तक एलिवेटेड मेट्रो बनना था जो अब अंडरग्राउंड बनेगा। 
  • आईएसबीटी में पटना मसौढ़ी रोड के पश्चिम डीपो बनना था जो अब रोड के पूरब बनेगा।
  • पाइलिंग के समय बिहार विरासत समिति के अधिकारी मेट्रो के अधिकारियों के साथ-रहेंगे। कोई भी ऐतिहासिक या पुरातात्विक सामान मिलने पर उसको बचाने और सहजने की व्यवस्था करेंगे। उन्हें संग्रहालय में रखा जाएगा।
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