पटना के धनुकी माेड़ से स्विफ्ट डिजायर कार से जा रहे गेसिंग अड्‌डा संचालक दीपक कुमार काे अपराधियों ने तीन गोलियां मारीं। फतुहा के गोविंदपुर के लोहापुल के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने दीपक को मंगलवार को करीब पौने दो बजे गोली मारी और फरार हो गए। कार में और लोग भी सवार थे। वही लोग उसी कार से उसे लेकर न्यू बाइपास स्थित एक अस्पताल पहुंच गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थोड़ी देर में दीपक का भाई राजीव कुमार अस्पताल पहुंचा और शव लेकर चलते बना।
पुलिस को हत्या की सूचना नहीं दी है। परिजन लाश लेकर सुल्तानगंज के गुलबी घाट पहुंच गए। उसकी लाश चिता पर जल रही थी। इसकी सूचना फतुहा के एसडीपीओ मनीष कुमार को मिली। फौरन उन्होंने सुल्तानगंज थानेदार को सूचना दी। थोड़ी देर में ही कई अस्पतालों का चक्कर लगा रही फतुहा पुलिस भी घाट पर पहुंच गई। दीपक की जलती लाश को पानी से बुझवाया। घाट से पुलिस ने उसके पिता नन्हकी महतो को हिरासत में लेने के बाद अधजली लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीपक के पिता ठेला चलाते हैं। एसडीपीओ ने बताया कि उसकी हत्या क्यों हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस उस कार को बरामद नहीं कर सकी है। उसके धनुकी स्थित घर में कोई नहीं है। 
दीपक पर हत्या, लूट समेत 9 केस हैं दर्ज
पुलिस ने जब दीपक की कुंडली खंगाली तो पता चला कि अकेले अगमकुआं थाना में ही उसपर हत्या, डकैती, लूट समेत 9 संगीन मामले दर्ज हैं। अन्य थानों में भी उसपर दर्ज केस को खंगालने में जुटी है। दीपक पर 9 दर्ज केस होने से पुलिस कयास लगा रही है कि वह भी अपराधी था। जिस कार से दीपक गया था, वह उसके पिता के नाम से रजिस्टर्ड है। 
परिजन बोले- कुछ लाेग बुलाकर ले गए थे 
परिजनों का कहना है कि उसे धनुकी स्थित घर से दो-तीन लोग बुलाकर ले गए। परिजनों का दावा है कि उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या कराई या हत्या कर दी। हालांकि पुलिस का कहना है कि बाइक सवार अपराधियों ने उसे गोली मारी है। अगर कार सवार गोली मारते तो खोखा बाहर कैसे मिलता। हत्यारों की तलाश में पुलिस छापेमारी करने में जुटी है। 
पिता क्यों बोल रहे हार्ट अटैक से हुई मौत
पुलिस ने जब न्यू बाइपास स्थित अस्पताल के डॉक्टरों से बात की तो कहा गया कि उसके शरीर पर चाकू से वार है। पुलिस ने फिर डॉक्टरों से पूछा तो कहा कि वह मर चुका था। जब पुलिस ने दीपक से पूछताछ की तो उसने कहा कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। सवाल यह है कि पिता पुलिस को असलियत क्यों नहीं बता रहे हैं।
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