बिहार के वैशाली जिले में रविवार सुबह सहदेई बुजुर्ग प्रखंड क्षेत्र के चकजमाल वार्ड नंबर छह में ब्रह्मस्थान के पास दो दर्जन कौए मरे हुए मिले। तीन कौए जीवित हैं, लेकिन वह उड़ नहीं पा रहे हैं। इसकी खबर मिलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल कायम हो गया।
बता दें कि बिहार के 2 स्थानों में मिले बर्ड फ्लू के संक्रमण के मामले में शुक्रवार से निरोधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके पूर्व केंद्र सरकार के गाइडलाइन और आदेश मिलने के बाद पशुपालन विभाग की टीम ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कलिंग का कार्य शुरू किया। इस काम में संक्रमित स्थान के 1 किलोमीटर के दायरे में सभी मुर्गे मुर्गियों को मारने के बाद उन्हें दफनाने की प्रक्रिया की जाती है।
पटना के कंकड़बाग के अशोकनगर रोड नंबर 14 के निकट और नालंदा जिला के कतरी सराय के सैदपुर गांव के पोल्ट्री फार्म से कलिंग का कार्य शुरू किया गया।  सैदपुर में 2 टीमें लगाई गई हैं। पटना में कलिंग कार्य में वेटनरी डॉक्टरों के साथ जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी के द्वारा भेजे गए कर्मचारी भी साथ थे। मुर्गियों को मारने और दफनाने के अलावा उनके संक्रमित दाना पानी को भी नष्ट किया जा रहा है। पशु उत्पादन एवं संस्थान के तकनीकी देखरेख में यह काम हो रहा है। 
आमतौर पर बर्ड फ्लू दिसंबर या जनवरी के ठंडे मौसम में होता है। लेकिन मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण मार्च महीने में भी यह बीमारी सबसे पहले कौवे में पाई गई। उसके बाद इन दोनों पर मुर्गियों के स्वाब में भी वायरस पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है गर्मी बढ़ने पर इस तरह के वायरस वाली बीमारियों में अपने आप कमी आ जाएगी। वहीं, 10 किलोमीटर के दायरे में सर्विलांस रखा गया है। अन्य कहीं भी बर्ड फ्लू की शिकायत नहीं है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पशु एवं मतस्य संसाधन विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां भी पक्षियों की असामान्य मृत्यु हो रही है, उस पर नजर रखें। फ्लू के प्रभाव को रोकने के लिए जरुरी कदम उठाएं। स्वास्थ्य विभाग के साथ भी संपर्क बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में बर्ड फ्लू एवं स्वाइन फीवर को लेकर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और कई निर्देश दिए। 
बैठक में विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने बर्ड फ्लू एवं स्वाइन फीवर के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। कहा कि पटना, नालंदा एवं नवादा जिले में कौओं एवं कुछ अन्य पक्षियों के मरने की जानकारी मिली है, जिनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इन तीन जिलों में पॉल्ट्री फर्म पर भी नजर रखी जा रही है और इसके लिए आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है। राज्य के विभिन्न जिलों से पक्षियों के अन्य सैंपल कलेक्ट किये गए हैं, जिन्हें जांच के लिए कोलकाता भेजा जा रहा है। बर्ड फ्लू को देखते हुये पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम गठित कर इस पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। भागलपुर एवं रोहतास में स्वाइन फीवर की भी जानकारी मिली है। इस संदर्भ में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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