बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के कामकाज पर भी कोरोना का साया है। सोमवार को आपके लोकप्रिय अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ब्यूरो टीम ने अलग-अलग सचिवालय में जाकर हालात का जायजा लिया। माहौल में इस वायरस का डर तारी दिखा। कहीं कर्मी कम तो कहीं अधिकारी नदारद थे। कहीं दफ्तरों में तो कहीं मुख्य दरवाजे पर ही ताले लटके थे। कहीं यह भी बताया गया कि हाकिम- कर्मी घर से ही काम देख रहे हैं। कुछेक को छोड़ दें तो उन्हीं कार्यालयों में कर्मी दिखे, जहां मार्च के आखिरी दिनों में बिल आदि बनाने थे। 
कुछ विभाग पूरी तरह बंद  
कोरोना के मद्देनजर कुछ विभागों ने आदेश जारी कर विभागों को बंद कर दिया है तो आवश्यक सेवा में लगे विभागों के कर्मचारी-अधिकारी कार्यालय आ रहे हैं पर वे सोशल डिस्र्टेंंसग का पालन अनिवार्य तौर पर कर रहे हैं। पथ निर्माण, भवन निर्माण और योजना एवं विकास विभाग को लॉकडाउन तक बंद कर दिया गया है। इस बाबत विभागों ने आदेश जारी कर रखा है। वहीं देश के दूसरे राज्यों से अप्रवासी मजदूरों के बिहार आने के कारण श्रम संसाधन विभाग खुला है, लेकिन बस और ट्रेन बंद होने के कारण समूह ग और घ के कर्मचारियों की उपस्थिति भी नगण्य हो गई है। वहीं अधिकारी वर्ग जो पटना में हैं, वे विभागीय कार्यों का निपटारा करने के लिए कार्यालय आ रहे हैं। स्थिति यह है कि एक अधिकारी के नीचे रहने वाले 25 कर्मचारियों में 4 या 5 आ रहे हैं। इस कारण सोशल डिस्टर्नेंंसग का पालन आसानी से हो रहा है। 
बिजली कंपनी : कर्मचारी और अधिकारी आ रहे हैं ऑफिस 
आवश्यक सेवा के कारण कर्मी व अफसर ऑफिस आ रहे हैं। लेकिन यहां भी समूह ग और घ के कर्मचारियों की उपस्थिति नगण्य है। अधिकारियों के लिए 4 समूह बांटे गए हैं। अर्थात जो आज आएंगे, उन्हें चौथे दिन कम्पनी में आना है। इस कारण सोशल डिस्टर्नेंंसग पालन हो रहा है। यहां सैनेटाइजर आदि की भी व्यवस्था है। 
पशुपाल विभाग: काम कर रहा बर्ड फ्लू नियंत्रण कक्ष
पशुपालन विभाग में बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम काम कर रहा है। यहां के अलावा बस गिनती के लोग विभाग में दिख रहे हैं। करोना आपदा और लॉकडाउन के कारण सोमवार को दोपहर 12 बजे के बाद गिनती के कर्मी दफ्तर में पहुंचे थे। विभाग के निदेशक विनोर्द ंसह गुंजियाल अपने कक्ष में काम कर रहे थे। 
उनके अलावा 2 कर्मचारी बर्ड फ्लू नियंत्रण कक्ष में थे । बाहर से फोन आ भी रहे थे और कौवों व अन्य पक्षियों के मरने आदि की जानकारी दी जा रही थी। इसके अलावा विभाग के अकाउंट सेक्शन में भी दो लोग कार्य करते  थे। हैंड सैनेटाइजर के बदले कर्मचारियों ने डिटॉल हैंड वॉश रखा था। 
पुलिस मुख्यालय : ताला नहीं, पर सन्नाटा पसरा है हर तरफ
सरदार पटेल भवन में स्थित पुलिस मुख्यालय कोरोना के बाद कामकाज में किए गए बदलाव से यहां सन्नाटा पसर गया है। दफ्तर खुले हैं पर आवाजाही पहले जैसी नहीं है। सरदार पटेल भवन में ही गृह विभाग और दूसरे दफ्तर भी हैं। यहां भी फिलहाल लोगों के आने पर रोक लगा दी गई है। 
कर्मचारियों को भी दो समूह में बांटकर एक दिन बाद ड्यूटी पर बुलाए जाने का आदेश हैं। वहीं ट्रेन से आनेवाले कर्मचारियों को पहले ही अवकाश दे दिया गया है। इसके चलते संख्या और भी कम हो गई है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के अधिकांश दफ्तर खुले थे। पर पहले की तरह वहां अधिकारियों-कर्मचारियों की चहल-कदमी नहीं थी। दफ्तरों में इक्के-दुक्के ही लोग नजर आ रहे थे। पता चला कि जिनका आना जरूरी है वहीं आते हैं। इसी तरह कई अधिकारी भी आते हैं और काम निपटाकर चले जाते हैं। बेवजह कोई नहीं बैठता है। वहीं जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को बुला भी लिया जाता है।
कृषि विभाग में कर्मी कम अधिकारी ज्यादा 
कोरोना को लेकर लॉकडाउन से कृषि विभाग में उपस्थिति भले थोड़ी कम है, लेकिन काम पर इसका असर नहीं है। वर्ग 3 और 4 के कर्मी बहुत कम आ रहे हैं। सोमवार को सभी अधिकारी अपने कक्ष में उपस्थित थे। सभी कमरों और हॉल में सैनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। साथ ही, कर्मियों की संख्या कम होने के कारण कुर्सी की दूरी बढ़ा दी गई है। सोमवार को विभाग के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्र्रेंंसग से ही जिलों के अधिकारियों से खेती के हालात का जायजा लिया।  
सहकारिता विभाग में सन्नाटा 
सहकारिता विभाग में पूरी तरह सन्नाटा है। पूर्व में जारी निर्देश के मद्देनजर तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को तो एक दिन बीच कर आने की अनुमति है। इसके बावजूद सभी सेक्शन खाली दिखे। सोमवार को सभी अधिकारियों के चेंबर में भी ताले लगे दिखे।
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