बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दूसरे राज्यों से बिहार आ रहे प्रवासी मजदूरों के रहने के लिए कैंप

बनानेके निर्देश दिए हैं. ये कैंप बिहार के सीमावर्ती जिलों में बनाए जाएंगे. यहां पर दूसरे राज्यों से आने

वाले मजदूरों को रखा जाएगा. इस कैंप में मजदूरों के भोजन-कपड़े और डॉक्टरी जांच की

सुविधा होगी.

नीतीश ने दिए आपदा शिविर बनाने के आदेशशनिवार को राज्य के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने मुख्य

सचिव दीपक कुमार को 'आपदा सीमा राहत शिविर' बनाने के निर्देश दिए. ये शिविर नेपाल,

झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से सटे जिलों में बनाए जाएंगे.
नीतीश कुमार ने अफसरों को कहा कि इन कैंपों में खाने और सोने के अलावा लोगों को मेडिकल
सुविधाएं भी दी जाएंगी. सीएम नीतीश कुमार ने राज्य में कोरोना वायरस से निपटने के लिए गठित फंड
में विधायक निधि से 7 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.बता दें कि देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने में फैले बिहार के कामगार हर हाल में अपने राज्य लौटना चाहते हैं. लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से इनके सामने आवागमन की समस्या हैशनिवार को दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर हजारों मजदूर अपने घरों को जाने के लिए उमड़ पड़े थे. इससे यहां अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई थी. इनमें से कुछ मजदूर यूपी जाना चाह रहे थे तो कुछ मजदूर बिहार चाह रहे थे.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन मजदूरों को भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की थी. लेकिन सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अगर इन मजदूरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया तो लॉकडाउन का मकसद ही खत्म हो जाएगा.
नीतीश कुमार ने कहा कि अगर एक भी संक्रमित मरीज शहर से गांव आ गया तो यहां भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. इसके बाद अब नीतीश कुमार ने दूसरे राज्यों से बिहार आ रहे मजदूरों के लिए सीमावर्ती जिलों में कैंप बनाने की घोषणा की है.

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