भोपाल. भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद एक बार फिर से मध्यप्रदेश की सिसायत में बढ़ गया है। कमलनाथ सरकार गिरने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर से पॉवर में आ गए हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास फिलहाल कोई पद तो नहीं है लेकिन ग्वालियर-चंबल में इन दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद का ही हो रहा है।
सिंधिया के पसंदीदा अफसरों को मिल रही है तैनाती
मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार बनते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद के अफसरों की तैनाती का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्वालियर नगर निगम में संदीप कुमार माकिन को आयुक्त बनाया गया है। माकिन को राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कमलनाथ सरकार ने हटा दिया था। इस कार्रवाई को सिंधिया की पसंद की पसंद के अफसरों की कार्रवाई से जोड़कर देखा गया था।हटाए गए थे कलेक्टर
ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ सियासी तकरार बढ़ने के बाद कमलनाथ सरकार ने ग्वालियर और गुना कलेक्टर के साथ ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त का तबादलता कर दिया था। लेकिन सूबे में एक बार फिर से ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन से भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के पसंद के अधिकारियों की नियुक्ति ग्वालियर में शुरू कर दी है।
शिवराज ने दिया तोहफा
मध्यप्रदेश में सियासी उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एक पुराने मामले में जांच शुरू कर दी थी। अब उस केस में ज्योतिरादित्य सिंधिया को क्लिनचीट मिल गई है। साथ ही ईओडब्ल्यू ने उस केस को भी बंद कर दिया है। दरअसल, 2014 में सुरेंद्र श्रीवास्तव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके करीबियों के खिलाफ 10 हजार करोड़ रुपये के जमीन घोटाले का आरोप लगाया था। उस दौरान भी उस शख्स की शिकायत पर इस मामले की जांच हुई थी लेकिन कुछ सामने नहीं आया था।
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