शहर में आटा की किल्लत पर गंभीर जिला प्रशासन के डंडा पर जिला खाद्य आपूर्ति विभाग हरकत में आया है। एक तरफ कार्ड धारकों के राशन के लिए जन वितरण प्रणाली की दुकानों पर अनाज का स्टॉक भेजा जाने लगा है तो दूसरी ओर शहर में चिन्हित आटा मिलों पर गेहूं आपूर्ति की तैयारी है। इसके लिए डीएम कुमार रवि के निर्देश पर गठित टीम शहर के आटा मिलों का निरीक्षण कर डिमांड ले रहे हैं। मिल संचालकों की डिमांड के अनुसार जिला खाद्य आपूर्ति विभाग फूड कॉर्पोशन ऑफ इंडिया के साथ बातचीत करके आटा मिलों की जरूरत के अनुसार गेहूं उपलब्ध कराएगा, जिसके बाद विक्रेताओं के यहां स्टॉक होगा और फिर हर किराना दुकानों तक आटा पहुंचाया जाएगा। 
यहां से शुरू हुई थी दिक्कत 
कोरोना संक्रमण को लेकर जिले में लॉक डाउन की घोषणा के तुरंत बाद आटा मिलों ने गेहूं का आवक बंद कर दिया था। यह गेहूं मिल संचालक गेहूं मंडियो से उठाते थे और यहां से अलग-अलग ब्रांड के पैकेटों में आटा भरकर किराने की दुकानों के लिए उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन राजधानी में जिला प्रशासन के बंद की सूचना के बाद जहां आटा मिल संचालकों ने गेहूं पीसना ही बंद कर दिया वहीं किराने की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के लोगों ने लंबे समय तक लॉक डाउन रहने की आशंका में एक ही समय में कई महीनों का राशन अपने घरों में भर लिया। ऐसे में औसतन हर महीने 5 से 10 किलो आटा खरीद करने वाले लोगों ने भी एक ही समय में 25 से 30 किलो आटे की खरीदी कर ली। स्टॉक के कम होते ही किराना दुकानदारों ने कीमत बढ़ा दी।
अब ऐसे समस्या से निपटने की तैयारी 
एफसीआई के साथ जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के द्वारा किए जा रहे समझौते में मिल मालिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। इन मिलों के संचालकों से जिला प्रशासन से गठित टीम के सदस्यों ने संपर्क किया है। इलाके के अधिकारियों ने मिलों से आम दिनों में उपलब्ध कराए जाने वाले गेहूं का ब्योरा लिया है। मौजूदा समय में डिमांड के अनुसार मिल मालिकों को गेहूं एफसीआई से मिलेगा, जिसके बाद गेहूं पीसकर आटा न सिर्फ थोक मंडी, बल्कि फुटकर किराने की दुकानों पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सोमवार के बाद सभी मिलों को गेहूं उपलब्ध करा दिया जाएगा। हमें उम्मीद है कि सप्ताह के शुरुआती दौर से ही शहर में आटे की किल्ल्त दूर हो जाएगी। इसके अलावा हम कालाबाजारी पर भी नजर रखे हुए हैं। जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
-विपीन कुमार, आपूर्ति निरीक्षक
शहर में मिलों की स्थिति की जांच की जा रही है। हमें पता चला है कि गेहूं खत्म होने की वजह से मिलों का संचालन बंद कर दिया गया। कुछ दिक्क्तें आई थीं, लेकिन अब मिलों को गेहूं उपलब्ध कराने पर पहल चल रही है।
-राजीव कुमार,  आपूर्ति निरीक्षक
Share To:

Post A Comment: