BSEB Bihar board result 2020: पिछले साल बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट के नतीजे 30 मार्च को जारी कर इतिहास रच दिया था, अब इस साल शिक्षकों की हड़ताल के चलते मूल्यांकन में हो रही देरी से नतीजे मार्च में जारी करना बिहार बोर्ड के लिए चुनौती बनी हुई है। हालांकि इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन तो पहले से ही शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि अधिकतर केंद्रों पर 50 फीसदी से भी कम शिक्षकों ने मूल्यांकन में योगदान दिया है। बिहार बोर्ड सूत्रों की मानें तो भागलपुर, रोहतास, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण आदि जिलों में भी 50 फीसदी से कम परीक्षकों ने मूल्यांकन में योगदान दिया।
इंटर मूल्यांकन 26 फरवरी से शुरू किया गया था।  हर दिन कॉपी जांच 10 बजे से शाम पांच बजे तक चेक हो रही हैं। इस बीच शिक्षकों पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है। पटना जिले में इंटर मूल्यांकन के लिए सात केंद्र बनाये गये हैं। वहीं बाकी सभी जिलों में पांच से छह मूल्यांकन केंद्र बनाये गए हैं। बिहार बोर्ड की मानें तो छात्रों की संख्या के अनुसार मूल्यांकन केंद्रों की संख्या निर्धारित की गई है। इस साल बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा 3 फरवरी से शुरू हुईं थी, इसमें  1205390 अभ्यार्थी  शामिल हुए थे। बोर्ड ने इसके लिए 1283 परीक्षा केंद्र बनाए थे। इसमें 82 परीक्षा केंद्र पटना जिले में बनाए गए थे।
आपको बता दें कि पिछले साल बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट 2019 कला, विज्ञान, वाणिज्य और वोकेशनल का रिजल्ट एक साथ बिहार बोर्ड की वेबसाइट www.biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया था। बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट रिजल्ट 2019 में बेटियों का दबदबा रहा था, प्रदेश के 14 जिलों में बेटियों का रिजल्ट बेहतर रहा था। इन जिलों में 90 फीसदी से अधिक छात्राएं सफल रही थी। 
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