रांची : झारखंड के नये डीजपी एमवी राव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित उनके आवास पर जाकर शिष्टाचार मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने डीजीपी को बधाई दी और उम्मीद जतायी कि वह राज्य की कानून व्यस्था को और मजबूत बनायेंगे. राज्य के नये डीजीपी एमवी राव भी 18 महीने बाद रिटायर हो जायेंगे. केएन चौबे का तबादला दिल्ली कर दिया गया है. झारखंड के पूर्व डीजीपी के एन चौबे ने 9 महीने तक जिम्मेदारी संभाली है.
एमवी राव 1987 बैच के अधिकारी हैं. अपने ही वेतनमान में उन्हें यह जिम्मेदारी सौपी गयी है. साथ ही होमगार्ड महानिदेशक सह महासमादेष्टा गृह रक्षावाहिनी व अग्निशमन सेवा में भी राव अपनी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे बीबी प्रधान के सेवानिवृत्त होने के बाद एमवी राव होमगार्ड के डीजी बने थे.
एमवी राव को पूर्ण रूप से डीजीपी बनाये जाने के लिए यूपीएससी से संपुष्टि होना जरूरी है. अब मामले में राज्य सरकार की ओर से यूपीएससी को तीन नामों का पैनल भेजा जायेगा. वहां से संपुष्टि के बाद राव को पूर्ण रूप से डीजीपी बनाने की अधिसूचना राज्य सरकार की ओर से जारी की जा सकेगी.
डीजीपी की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी डीजीपी का कार्यकाल दो वर्ष से कम नहीं होगा. इसके लिए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया को भी जटिल बनाया गया है. राज्य सरकार को छह आइपीएस अधिकारियों का नाम, उनका वर्क प्रोफाइल यूपीएससी को भेजना होगा. तीन नामों को चुनकर यूपीएससी राज्य सरकार को वापस भेजेगा.सरकार इनमें से किसी एक अधिकारी का चयन डीजीपी के लिए करती है.
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