बेगूसराय : कोरोना वायरस के भय के कारण पोल्ट्री कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मुर्गे में कोरोना वायरस होने के सोशल मीडिया की अफवाह फैला हुई है, जिसके कारण लोग एहतियात बरतते हुए मुर्गा खाने से बच रहे हैं. इसके कारण मुर्गे की कीमतों में लगातार भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. बिहार के बेगूसराय में चिकेन सब्जियों से भी सस्ता मिल रहा है.
बेगूसराय के नावकोठी प्रखंड में मुर्गे की दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव में घूम घूमकर मुर्गे को बेचा जा रहा है. कोरोना वायरस का सबसे बड़ा प्रभाव मुर्गा पाल्ट्री व्यवसायी तथा खुदरा विक्रेता पर पड़ा है. रिटेलर 25-30 रूपये में मुर्गे को बेच रहे है.दुकानदारों ने बताया कि बाजारों में भिंडी परबल करैला के दाम से भी कम दामों पर हम मुर्गे के मांस बेच रहे हैं.
बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस को लेकर जारी किये गये अलर्ट के बीच सोमवार को विदेशों से आनेवाले लोगों की संख्या 91 तक पहुंच गयी. इनमें से 48 लोगों की पहचान होने के बाद होम आइसोलेशन में रखा गया. जबकि, 43 लोगों का अता पता नहीं चल सका है. इन लोगों का अबतक कोई ट्रेस पता नहीं चल सका है. स्वास्थ्य विभाग की टीम लापता हुए 43 लोगों को लगातार ढूंढ रही है. विभाग की माने तो लापता सभी लोग गोपालगंज के रहनेवाले हैं, जो दो से तीन दिनों के अंदर विदेशों से अपने घर आये हैं, लेकिन इनके घर का पता नहीं चल सका है. विदेशों से आनेवाले लोगों में दुबई, मलेशिया व सिंगापुर के अधिकतर शामिल हैं.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को लेकर बिहार सरकार किसी भी तरह के प्रभावी कदम उठाने के लिए महामारी एक्ट 1897 को लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके लागू होते ही सरकार को यह अधिकार हो जायेगा कि वह किसी भी मॉल, निजी परिवहन सहित अन्य प्रकार के एहतियात का कदम उठा सकेगी. कोरोना की महामारी को रोकने के लिए एक्ट के प्रभावी होने पर उसके प्रावधान को नहीं मानने पर सरकार द्वारा धारा 188 के तहत पेनाल्टी लगाया जा सकता है.
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