पटना. कोरोना वायरस (Corona virus) के प्रकोप को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. इसकी वजह से दिल्ली एनसीआर एवं अन्य राज्यों में काम करने वाले मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. उनके पास खाने के लिए पैसे तक नहीं हैं. ऐसे में ये मजदूर अपने घर पर पहुंचने के लिए पैदल ही परिवार के साथ निकल पड़े हैं. इन मजदूरों में ज्यादातर लोग बिहार के हैं. वहीं, इन मजदूरों को घर तक भेजने के लिए यूपी सरकार ने कई बसों की व्यवस्था की है. इसी बीच खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने मजदूरों को बसों से भेजे जाने को एक गलत कदम बताया है. उन्होंने कहा है कि यह कदम लॉकडाउन को पूरी तरह असफल कर देगा.
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा है कि विशेष बसों से लोगों को भेजना एक गलत कदम है. उन्होंने कहा कि इससे कोरोना वायरस महामारी और फैलेगी जिसकी रोकथाम और उससे निबटना सबके लिए मुश्किल होगा. उन्होंने कहा ‘‘जो जहां हैं उनके लिये रहने खाने की व्यवस्था वहीं की जा रही है. बसों से लोगों को उनके राज्य भेजने का फैसला लॉकडाउन को पूरी तरह असफल कर देगा.’’
इंतजाम करने का सुझाव दिया हैनीतीश ने स्थानीय स्तर पर ही कैम्प लगाकर लोगों के रहने और खाने का इंतजाम करने का सुझाव दिया है. गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर से हजारों की संख्या में लोग अपने घर जाने के लिए पैदल निकल पड़े हैं. इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 200 बसों का इंतजाम किया है. ये बसें नोएडा-गाजियाबाद से हर दो घंटे में रवाना होंगी. इन बसों में ज्यादातर लोग पूर्वांचल और बिहार के हो सकते हैं.
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