लॉकडाउन के बीच मंगलवार को बिहार कैबिनेट की दूसरी बैठक हुई। नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 12 एजेंडों पर मुहर लगी है। कैबिनेट की बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बिहार कैबिनेट की बैठक में फसलों के नुकसान के लिए 518 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। साथ ही कृषि इनपुट सब्सिडी के लिए राशि जारी की गई है। बेमौसम बरसात और बिहार में ओलावृष्टि की वजह से फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि इनपुट सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। बिहार कैबिनेट बैठक में संविदा कर्मियों को मार्च और अप्रैल महीने का वेतन बिना कटौती का देने का निर्णय लिया गया है। कहा है कि बिना रजिस्‍टर देखे ही देना है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग सभी डीएम व एसडीओ के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर उन्हें यह बताए कि जीविका के माध्यम से चिन्हित राशन कार्ड से वंचित सभी परिवारों के खाते में एक-एक हजार रुपए भेजे जाने हैैं। इस बात को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में भी सर्वे कराकर राशनकार्ड विहीन चिन्हित परिवारों को एक-एक हजार रुपए की मदद की जाएगी। यह काम नगर विकास एवं आवास विभाग अपने स्तर से करेगा। मुख्य सचिव व अन्य आला अधिकारियों के साथ इस मसले पर समीक्षा बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने फरवरी व मार्च में असमय बारिश व ओलावृष्टि से फसल क्षति को ले सरकार के स्तर पर दिए जा रहे कृषि इनपुट अनुदान की भी समीक्षा की।  उन्होंने कहा कि जो किसान किसी कारण से इनपुट अनुदान के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैैं उनके लिए आवेदन की तिथि एक हफ्ते बढ़ाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पिछले तीन-चार दिनों में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को जो नुकसान हुआ है उसका सर्वेक्षण जल्द कराया जाए ताकि किसानों को लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चौबीस घंटे में कोरोना पॉजेटिव मरीजों की संख्या बढ़ी है पर इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का मामला है। सरकार इस पर नजर रख रही है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से पुन: यह अपील की कि सोशल मीडिया पर भ्रांति एवं अफवाह फैलाने वाले लोगों से सतर्क एवं सावधान रहें। उन्होंने कहा कि यदि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ठीक से करेंगे तो सभी के सहयोग से हम सब इस महामारी पर विजय प्राप्त करने में सफल होगे।

लॉकडाउन के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 10 एजेंडे पर मुहर लगी। सबसे अहम निर्णय यह रहा कि संविदा और आउटसोर्स एजेंसियों के तहत ब्लॉक से लेकर सचिवालय में कार्यरत कर्मियों को बगैर उपस्थिति रजिस्टर देखे मार्च और अप्रैल माह की पूरी पगार दी जाएगी। सरकार की इस पहल से चार लाख से अधिक संविदा कर्मियों को सीधे राहत मिलेगी।

कैबिनेट का दूसरा अहम फैसला यह रहा कि माध्यमिक स्कूल विहीन पंचायतों में खुलने वाले उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए 32,916 माध्यमिक शिक्षक और 1,000 कंप्यूटर शिक्षक यानि कुल 33,916 शिक्षकों का पद सृजित किया गया है। शिक्षा विभाग शीघ्र इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगा। कैबिनेट के अन्य फैसलों में केंद्र सरकार प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना के लिए 2020-21 के लिए राज्य सरकार का हिस्सा 130 करोड़ रुपये निकासी की मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।

अन्य फैसले
किसानों को फसलों के नुकसान के लिए 518 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह राशि कृषि इनपुट सब्सिडी के लिए दी गई है। बेमौसम बरसात और बिहार में ओला वृष्टि की वजह से फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि इनपुट सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। रफीगंज नगर पंचायत में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल निश्चय योजना के लिए 38.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। ग्रामीण बैंकों को पुनर्पूंजीकरण सहायता के लिए 33.52 करोड़ रुपये  बिहार आकस्मिकता निधि से दिए गए हैं।  बिहार वित्त नियमावली-1950 के नियम-131 में संशोधन संबंधित घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है। सारण जिले में गंगा नदी के बाएं तट पर बली टोला से सबलपुर पछियारी  टोला तक कटाव निरोध कार्य के लिए 45 करोड़ रुपये प्रशासनिक खर्च की मंजूरी दी गई है।  बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम 2011 के तहत खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की दो सेवाएं पहला नए राशन कार्ड जारी करना और दूसरा राशन कार्ड में संशोधन के स्थान पर नई सेवाओं को समावेशित करने की मंजूरी दी गई।
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