देश भर में पीडीएस से जुड़े 20 करोड़ घरों को मई के पहले सप्ताह में मुफ्त दाल वितरण में तेजी आ जाएगी। इसके लिए 5.88 लाख टन दाल तैयार करने और बड़े पैमाने पर ढुलाई का काम जारी है। सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकांश लाभार्थी मई के पहले सप्ताह तक पहले महीने का कोटा प्राप्त करेंगे। कई राज्य एक ही बार में तीन महीने के लिए दाल बांटने में सक्षम होंगे।
शेष राज्यों के लिए मई के तीसरे सप्ताह तक तीन महीने के लिए दाल की आपूर्ति पूरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक महीने पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर परिवार को तीन महीने तक एक किलो दाल मुफ्त देने की घोषणा की थी। जो परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत दाल मुहैया कराई जा रही है। कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान गरीबों की जरूरत को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया जा रहा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक करीब 30,000 टन दाल का वितरण किया जा चुका है।
दलहन और तिलहन की खरीद शुरू
वहीं, दूसरी ओर कोरोना वायरस के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद चालू रबी सीजन की दलहन व तिलहन फसलों की खरीद शुरू हो गई है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दलहन और तिलहन की उपज की खरीद चालू हो गई है। फिलहाल डेढ़ लाख टन दलहन और 30 हजार टन तिलहन की खरीद हो चुकी है। इस पर कुल 785 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 
सरकारी एजेंसी के मुताबिक अभी तक सवा लाख किसानों की उपज की खरीद हो चुकी है। लॉकडाउन अवधि के दौरान पीएसएस योजना के तहत रबी दलहन और तिलहन की खरीद को जारी रखा गया था, लेकिन शुरुआती दिनों में रफ्तार बहुत धीमी थी। दालों के बफर स्टॉक के लिए हो रही खरीद का दायित्व नैफेड को सौंपा गया है। अरहर की खरीद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक व तेलंगाना में बड़े स्तर पर की जा रही है।  
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