पटना हाईकोर्ट ने राजस्थान के कोटा में पढ़ रही छात्रा को बिहार लाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है। न्यायमूर्ति हेमंत कुमार श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले पर सुनवाई की।
कोर्ट को बताया गया कि आवेदक वकील की पुत्री कोटा में फंसी हुई है। आवेदक पवन कुमार पटना हाईकोर्ट में वकालत करते हैं। उन्होंने अपनी अर्जी में कहा कि उनकी बेटी कोटा में पढ़ती है। लॉकडाउन में उसे वहां काफी परेशानी हो रही है। जिस प्रकार यूपी, एमपी सहित अन्य राज्यों की सरकारें कोटा में पढ़ने वाले अपने राज्यों के बच्चों को वापस लाई है। उसी प्रकार राज्य सरकार भी यहां के बच्चों को भी वापस लाने का उपाय करे। यहां तक कि बिहार विधान सभा के एक सदस्य अनिल सिंह ने नवादा सदर के आदेशानुसार कोटा में पढ़ रही अपने पुत्री को वापस ले आए। आवेदक की पुत्री का आवेदन भी 15 अप्रैल से पटना के जिलाधिकारी के समक्ष लंबित पड़ा हुआ है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने कोर्ट को बताया कि वैधानिक संसदीय कानून, आपदा प्रबंधन कानून के तहत केंद्र सरकार ने पूर्ण लॉकडाउन लागू की हुई है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर प्रतिबंध है, जिसका उल्लंघन कानून गलत है। कोर्ट ने सरकार को अपना रुख स्पष्ट करते हुए जवाबी हलफनामा दायर करने का आदेश दिया। साथ ही मामले पर सुनवाई के पहले जवाबी हलफनामा का प्रति आवेदक को देने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 27 अप्रैल तय की।
छात्रों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर :
लॉकडाउन में कोटा सहित अन्य जगहों पर फंसे बिहार के छात्र- छात्राओं के लिए हेल्पलाइ नंबर (0612-2294600) जारी किया गया है। इस नंबर पर छात्रों के सूचना देने के बाद उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से उनतक सहायता पहुंचाई जाएगी। गुरुवार को बिहार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने यह जानकारी दी।
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