पटनाः- बिहार में कोरोना के हॉटस्पॉट बने सीवान, नालंदा, बेगूसराय और नवादा जिले में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करने का काम गुरुवार से शुरू कर दिया गया है। डोर टू डोर स्क्रीनिंग के लिए 2700 लोगों की टीम बनाई गई है। इसमें पारामेडिकल स्‍टाफ के अलावा पुलिसकर्मी और नगरपालिका के कर्मचारी भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाएंगे और कोरोना के संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगे। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राज्य सरकार और प्रदेश की जनता कोरोना के खिलाफ मजबूती से जंग लड़ रही है।
बिहार में कोरोना मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को 12 घंटे के भीतर 6 नए मरीजों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई। राज्य में मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 72 पहुंच गया है। कोरोना को मात देने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर टू डोर स्क्रीनिंग अभियान शुरू करने का निर्देश दिया था। यह अभियान आज यानी 16 अप्रैल से शुरू हो गया है। पूरे देश में बिहार ऐसा पहला राज्य होगा जो इस तरह का अभियान शुरू किया है।
पहले चरण में राज्य के चार कोरोना प्रभावित जिले सीवान, बेगूसराय, नवादा और नालंदा में स्क्रीनिंग हो रहा है। दूसरे चरण में बाकी आठ जिलों में यह अभियान चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 2700 लोगों की टीम बनाई है। दो चरण के अभियान में राज्य के करीब चार लाख से अधिक घर स्कैन होने हैं।
Share To:

Post A Comment: