श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड से बाहर तबलीगी जमात के कार्यक्रमों में शामिल होकर चुपचाप उत्तराखंड लौटने वाले लोगों पर प्रशासन ने अब शिकंजा कसना शुरु हो गया है। उत्तराखंड पुलिस ने श्रीनगर में पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की है वही मैदानी क्षेत्र के ऊधम सिंह नगर में भी कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गयी है। उत्तराखंड के डीजी (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार के अनुसार तबलीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने वाले उत्तराखंड के सभी 26 लोग अभी वहीं हैं और इसकी पुष्टि उनके मोबाइल्स की लोकेशन से भी कर ली गई है।
उत्तराखण्ड़ के डीजी (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से उत्तराखंड पुलिस ने एक जनवरी से ही उन सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई है जो उत्तराखंड से बाहर तबलीगी जमातों में शामिल होने के लिए गए थे। इन लोगों की संख्या 713 है, जिनके सत्यापन की कार्यवाही मंगलवार से जारी है। डीजी (कानून-व्यवस्था) ने कहा कि जो जनवरी-फरवरी में आए हैं उनका तो क्‍वारंटाइन पीरियड भी पूरा हो गया है। पिछले 28 दिनों में आए लोगों को क्‍वारंटाइन करना जरूरी है और इसलिए अभी तक 173 लोगों को क्‍वारंटाइन किया गया है

लॉकडाउन के बाद चोरी-छुपे वापस आए उत्तराखण्ड़

चिंता की बात यह है कि कुछ लोग अब भी लॉकडाउन का उल्लंघन कर प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल पुलिस के अनुसार श्रीनगर की मस्जिद वाली गली में रहने वाली एक महिला ने बताया कि उनके मकान में किराए पर रहने वाला एक किराएदार अपने चार साथियों के साथ नजीबाबाद और अन्य जगहों से जमात करके आया है।
पुलिस ने इस किराएदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह और उसके चार साथी फरवरी में टिहरी गए थे जहां वे 21 दिन रहे और फिर वहां से साहनपुर नजीबाबाद गए। वहां की जामा मस्जिद में 16 दिन रहे। 25 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद ये लोग नजीबाबाद से सब्जी के ट्रकों में बैठकर चोरी-छिपे श्रीनगर पहुंच गए।
इन लोगों ने न तो जमात में शामिल होने की जानकारी किसी को दी और न ही अपना कोई मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस ने इन सभी अभियुक्तों और इन्हें छुपाकर लाने वाले तीन ट्रक ड्राइवरों पर थाना श्रीनगर में केस दर्ज कर लिया है। पांचों जमातियों को पुलिस ने क्‍वारंटाइन कर दिया हैल लेकिन ट्रक ड्राइवर अभी फरार हैं।

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