लॉकडाउन के दौरान भी घऱ से बाहर निकल रहे लोग खैनी, गुटखा और पान से तौबा कर लें. अगर इन्हें चबा कर घर से बाहर सार्नजनिक स्थान पर थूका तो सीधे 6 महीने के लिए अंदर चले जायेंगे. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एडवायजरी के बाद ये फैसला लिया गया है. ICMR ने कहा है कि पान मसाला, गुटखा और खैनी खाकर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से भी कोरोना फैल सकता है.
बिहार के 13 जिलों में लागू हुआ आदेश
बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 13 जिलों के डीएम ने आदेश जारी कर दिया है. इन जिलों में जिलाधिकारी ने सभी सरकारी औप प्राइवेट परिसर को तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है. डीएम के आदेश में कहा गया है कि एक तो तंबाकू का सेवन जानलेवा है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से समाज को खतरा हो सकता है. थूकने के कारण कोरोना ही नहीं बल्कि इंसेफलाइटिस, टीबी,  स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा हो सकता है.
तंबाकू के सेवन पर प्रतिबंध का आदेश बिहार के जिन जिलों में लागू किया गया है उनमें मुजफ्फरपुर, सारण, पूर्वी चंपारण, अरवल, जहानाबाद, पूर्णिया, खगड़िया,  शिवहर, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय,  कैमुर,खगड़िया और सुपौल शामिल हैं. इन जिलों में डीएम ने एसपी के साथ साथ डीडीसी, सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ को इस आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया है. सरकारी आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी आदेश जारी किया गया है. सरकार सार्वजनिक स्थानों पर बोर्ड लगाकर लोगों को आगाह करेगी.
6 महीने की हो सकती है सजा
आईपीसी की धारा 268 और 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के समय गलत काम करता है या सरकारी आदेश का उल्लंघन करता है जिससे जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे 6 महीने की जेल के साथ साथ जुर्माना लगाया जा सकता है. अब इन जिलों के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय औप उनके कैंपस के साथ साथ सभी स्वास्थ्य संस्थान, सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान, थाना परिसर जैसी जगहों पर किसी भी तरह के तंबाकू पदार्थ को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.
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