वाशिंगटन. अमेरिका (USA) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मंगलवार को चीन (China) पर एक बार फिर खुलकर हमला बोला. ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर डब्ल्यूएचओ (WHO) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चीन ने लगातार बेफकूफ बनाया है. ट्रंप के मुताबिक चीन ने वायरस (Covid19) से संबंधित गलत जानकारियां साझा की हिं जिसका दुष्परिणाम अब पूरी दुनिया को भुगतना होगा. ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि इस बात में कोई शक नहीं है कि ये संक्रमण चीन के वुहान शहर से ही पूरी दुनिया में फैला है.
व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार ने ट्रंप से बार-बार सवाल किया कि इसके लिए चीन कोई दुष्परिणाम क्यों नहीं भुगत रहा? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, 'आपको कैसे पता, इसके कोई दुष्परिणाम नहीं हैं? इस बारे में बार-बार सवाल किए जाने पर ट्रंप ने कहा, 'मैं आपको नहीं बताऊंगा. चीन को पता चल जाएगा. मैं आपको क्यों बताऊंगा?' चीन के खिलाफ अमेरिकी सांसदों की टिप्पणियों के बीच ट्रंप ने कहा, 'आपको पता चल जाएगा.'
चीन के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं रिपब्लिकन सांसद
सीनेटर स्टीव डेन्स ने ट्रम्प को पत्र लिखकर अपील की है कि अमेरिका सरकार चीन से चिकित्सकीय आपूर्ति एवं उपकरणों पर निर्भरता को समाप्त करे और अमेरिका में दवाइयां बनाने संबंधी नौकरियां वापस लेकर आए. रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों ने भी चीन पर निर्भरता कम करने के लिए सोमवार को एक विधेयक पेश किया था. इससे पहले ट्रंप ने चीन पर विश्व व्यापार संगठन (WTO) जरिए अमेरिका का फायदा उठाने का भी आरोप लगाया था. ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर चीन निष्पक्षता से पेश नहीं आता तो हम उसे छोड़ देंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि चीन 30 वर्षों से अमेरिका का फायदा उठा रहा है. उन्होंने कहा कि चीन ने डब्ल्यूटीओ के जरिए और ऐसे नियमों का इस्तेमाल कर फायदा उठाया है जो अमेरिका के लिए अन्यायपूर्ण रहे हैं.
चीन पर हमलावर रहे हैं ट्रंप
ट्रंप चीन पर लगातार कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारियां छुपाने के आरोप लगाते रहे हैं. ट्रंप ने आरोप लगाया है कि चीन ने कोरोना वायरस को लेकर प्रारंभिक सूचना छ‍िपाई जिसकी सजा आज दुनिया भुगत रही है. ट्रंप ने कोरोना वायरस को चीनी वायरस बताते हुए कहा था, 'दुनिया उनके कर्मों की बहुब बड़ी सजा सुना रही है.' ट्रंप का इशारा इस बात की ओर था कि चीन ने सही समय पर कोरोना वायरस के फैलने की पूरी सूचना साझा नहीं की. ट्रंप ने कहा था, 'इस बीमारी को चीन से ही रोका जा सकता था जहां से यह शुरू हुई थी.' उन्‍होंने कहा कि अगर चीन ने सही सूचना समय पर दी होती तो अमेरिकी अधिकारी समय पर कदम उठाते और इस महामारी को फैलने से रोका जा सकता था.
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