रांची : लेफ्टिनेंट जनरल सीपी करियप्पा ने सेना के गौरवमय मुख्यालय वन कोर झारखंड डिवीजन का पदभार जनरल आॅफिसर कमांडिंग के रूप में संभाला। उन्हें यह पद मथुरा कोर की कमान लेफ्टिनेंट जनरल अमरजीत सिंह भिंडर द्वारा दी गई, जिनके नेतृत्व में वन कोर झारखंड डिवीजन सैन्य कौशल में उच्च कीर्तिमान स्थापित किया। लेफ्टिनेंट जनरल सीपी करिअप्पा नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी के पूर्व छात्र रह चुके हैं, जिन्होंने राजपूताना राइफल की चौथी बटालियन में नौ जून1984 को कमीशन प्राप्त किया और युद्धकाल युद्धअभ्यास और काउंटर टेररिज्म कौशल में महारत हासिल की।
जनरल आॅफिसर ने विभिन्न कमांड सेना कमांडर सेना में परीक्षण संस्थान तथा स्टाफ पदभार हासिल की। अप्वॉइंटमेंट के रूप में उन्होंने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने सैन्य अभियानों के रेगिस्तान पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में उत्तम कार्य किया है, जिनके परिणामस्वरूप उन्हें सेना की बारीकियां सैन्य आॅपरेशन तथा रणनीति में विशेष दर्जा हासिल है। इसके साथ वह सम्माननीय डिफेंस सविर्सेज स्टाफ कॉलेज और यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी वार कॉलेज के भी भूतपूर्व छात्र रह चुके हैं।
साथ ही रक्षा अध्ययन तथा प्रबंधन और युद्ध कौशल अध्यान में स्नातकोत्तर हैं। माउंटेन डिवीजन और वन इंफेंट्री ब्रिगेड की कुल कुशल कमान का नेतृत्व करने के साथ ही शांति सेवा फोर्स मेजर क्विक अमेरिका और इराक वेट में प्रशंसनीय कार्य उन्होंने किया है। वहीं भारत प्रसिडेंट नई दिल्ली में सैन्य सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। जनरल करिअप्पा को कमान संभालने पर सभी रैंकों को जोश उत्साह के साथ काम जारी रखने के लिए प्रेरित किया और सैन्य परीक्षण के असाधारण स्तर को प्राप्त करके सभी पदों को ध्यान केंद्रित किया। ताकि मुख्यालय वन को भारत के खिलाफ शत्रु द्वारा गतिविधियों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकें। वहीं वे देश में चल रहे कोरोना वायरस के अभियान फाइट अगेंस्ट कोविड-19 जोर देंगे।
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