राजस्थान के जिला पाली के सादड़ी गांव में एक झोला छाप डॉक्टर और उसके मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का पर्दाफाश हुआ है. पिछले लंबे समय से इस अस्पताल के बारे में प्रशासन को कई शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद सीएमएचओ ने सादड़ी के जूणा भादरास मार्ग पर चल रहे आशापुर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पर छापा मारकर उसे सील कर दिया. इसके अलावा इस अस्पताल की दो शाखाएं फालना और सुमेरपुर में भी चल रही थीं वहां पर भी एक्शन लिया गया है.
शिकायत मिलने के बाद सीएमएचओ आरपी मिर्धा की टीम इस अस्पताल में पहुंची. वहां पर काम कर रहे डॉक्टर राजेंद्र जे पाल से डिग्री के बारे में पूछा तो इसका कोई भी संतोष जनक जवाब उनके पास नहीं था. फिर सीएमएचओ ने पूछा कि एमबीबीएस में कितने विषय होते हैं और उनके क्या-क्या नाम हैं. इसका भी कोई जवाब उस युवक के पास नहीं था. इसके बाद सिजेरियन की स्पेलिंग पूछी इनमें से किसी भी सवाल का जवाब वो फर्जी डॉक्टर नहीं दे पाया.
खुद को फंसता देख इस युवक ने टेबल पर पड़ी दो सैनिटाइजर की बोतलों को खोलकर पीने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उससे बोतल छीन ली और उस युवक को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया. इस अस्पताल ने तीन चार दिन पहले एक व्यक्ति को कोविड 19 का संक्रमित बताकर भर्ती किया गया था. जबकि वह सामान्य खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित था. फिर इस मरीज को बांगड़ अस्पताल रैफर कर दिया गया. जब इस बांगड़ अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीज का चेकअप किया तो इस फर्जी अस्पताल की पोल खुली.
राजेंद्र के दूसरे अस्पतालों पर भी की कार्रवाई की गई है. जांच के दौरान सामने आया कि राजेंद्र पाल के फालना और सुमेरपुर में भी अस्पताल हैं. इसके बाद सीएमएचओ और उनकी टीम फालना पहुंचीं, वहां भी आशापुरा अस्पताल पर कार्रवाई की गई. इसके अलावा यह झोलाछाप राजेंद्र जे. पाल भगवान महावीर अस्पताल में भी अपनी सेवाएं दे चुका है.
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