पटना. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के चलते पैदा हुए संकट के बीच बिहार सरकार ने कोटा समेत दूसरी जगहों पर फंसे राज्य के सभी छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर- 0612-2294600 जारी किया है. इस नंबर पर छात्रों द्वारा जानकारी दर्ज कराने के बाद उन्हें हर तरीक़े की सहायता की जाएगी. बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए एक प्रारूप तैयार किया है.
बिहार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया की बिहार से बाहर फंसे लगभग 20 लाख 81 हजार श्रमिकों ने आवेदन किया था, जिनमें 12.78 लाख के खाते में मुख्यमंत्री सहायता राशि के रूप में एक-एक हजार रुपये दिए गए हैं.
किसानों के खाते में डाली गई रकम : इसी तरीके से फसल कृषि इनपुट की राशि के लिए 25 लाख किसानों द्वारा आवेदन समर्पित किया गया है. इसमें प्रशासनिक स्तर पर लगभग साढ़े सात लाख आवेदन की जांच की जा चुकी है. इस पर कार्रवाई करते हुए लगभग 35 हजार किसानों के खाते में 12 करोड़ रुपए की राशि भेजी गई है.
बालू की खरीद-बिक्री को मिली मंजूरी : नीतीश सरकार ने सूबे में बालू (रेत) की खरीद बिक्री के साथ ही निर्माण कार्यों को मंजूरी दे दी है. निर्माण कार्यों में बालू के उपयोग को हरी झंडी भी दे दी है. कोरोनाबंदी के कारण अब तक बिहार में बालू का कारोबार बंद था. राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनों निर्माण कार्यों को मंजूरी देने के बाद अधिकाधिक मात्रा में बालू की आवश्यकता महसूस की जाने लगी थी. दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के साथ राज्य में नेशनल और स्टेट हाइवे की सड़कों के निर्माण पुल-पुलियों के निर्माण समेत कई निर्माण कार्यों को बिहार सरकार ने स्वीकृति दी है. इन सबके बाद बालू की जरूरत पड़ने लगी थी.
खान एवं भूतत्व विभाग ने जारी किया आदेश : इसके बाद बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने बालू की बिक्री का आदेश जारी कर दिया. विभाग द्वारा सभी निर्माण एजेंसियों अधिकृत स्टॉकिस्ट से बालू की खरीद करने का गाइड लाइन जारी किया गया है. विभाग की मानें तो स्टॉकिस्टों के पास पर्याप्त मात्रा में बालू का स्टॉक है. एक अनुमान के अनुसार, इस समय सभी स्टॉकिस्टों के पास करीब 22 करोड़ सीएफटी से अधिक बालू उपलब्ध है, जिससे सूबे में निर्माण कार्यों को आसानी से पूरा किया जा सकता है.

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