अच्छी खबर: चीन छोड़कर भारत आने का प्लान बना रहीं 1 हजार विदेशी कंपनियां, सरकार से बातचीत की प्रक्रिया जारी।

◆कोरोना वायरस के कारण चीन में विदेशी कंपनियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस माहौल में लगभग 1000 विदेशी कंपनियां भारत में एंट्री की सोच रही हैं। इनमें से करीब 300 कंपनियां भारत में फैक्ट्री लगाने को पूरी तरह से मूड बना चुकी हैं। इस संबंध में सरकार के अधिकारियों से बातचीत भी चल रही है। ये कंपनियां मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइसेज, टेक्सटाइल्स और सिंथेटिक फैब्रिक्स के क्षेत्र की हैं।

◆ कोरोनावायरस के कारण चीन की साख पर विपरीत असर हुआ है। इसी का नतीजा है कि वैश्विक निर्माताओं ने भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत शुरू की है ताकि चीन से उनकी आपूर्ति श्रृंखलाओं के एक हिस्से को भारत से पूरा किया जा सके। कंपनियां चीन से अपनी आपूर्ति को भारत से पूरा करने पर तेजी से विचार कर रही हैं।

◆चीन के वुहान में कई मोटर वाहन कारखाने हैं और वो चीन के तथाकथित "मोटर शहरों" में से एक है।

◆ इस महीने की शुरुआत में, जापान ने कोरोनोवायरस महामारी के बाद अपनी कंपनियों को चीन से बाहर उत्पादन में मदद करने के लिए 2.2 बिलियन डॉलर का निवेश किया।

◆हीरो मोटर्स कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पंकज मुंजाल ने कहा कि ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां भारतीय कंपनियों से संपर्क कर रहीं हैं, ये कंपनियां फिलहाल चीन से ही ऑपरेट हो रही हैं।

◆ भारत में जिन वैश्विक फर्मों ने रुचि दिखाई है, उनमें अमेरिका के मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों टेलिडेने और एम्फेनोल के निर्माता हैं, और जॉनसन एंड जॉनसन जैसे मेडिकल उपकरण निर्माता हैं।
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