कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए रेल मंत्रालय ने मालगाड़ियों के चलाने के नियम बदल दिए हैं। इसके तहत लोको पायलट और गार्ड की ड्यूटी के घंटे आधे कर दिए गए हैं। देशभर में चल रहीं 8000 हजार से अधिक मालगाड़ियां को सहायक लोको पायलट, लोको पायलट और गार्ड से लूप के जरिए चलवा रहे हैं। यानी लोको पायलट रास्ते में ही मालगाड़ियों को बदलकर वितरीत दिशा में चल देते हैं। इससे उनकी ड्यूटी के घंटे 10 से घटकर पांच रह गए हैं। वहीं, रनिंग रूम में नहीं ठहरने से कोरोना वायरस के खतरे से बचे हुए हैं।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि लोको पायलट और गार्ड से मालगाड़ियों को लूप ड्यूटी के तहत चलवाया जा रहा है। उदाहरण के लिए कानपुर का लोको पायलट टुंडला तक मालगाड़ी लेकर आता है और फिर टुंडला से कानपुर वापस तुरंत चल देता है। वहीं, दूसरा लोको पायलट टुंडला से दूसरी मालगाड़ी को पुन: दिल्ली की ओर लेकर चल देता है।
अधिकारी ने बताया कि नियमत: मालगाड़ी के सहायक लोको पायलट, लोको पायलट और गार्ड (रनिंग स्टाफ) की ड्यूटी 10 से 12 घंटे की होती है। लेकिन लूप ड्यूटी के जरिए उनकी ड्यूटी के घंटे आधे कर दिए हैं।
इसी प्रकार मुगलसराय से इलाहाबाद, इलहाबाद से कानपुर, कानपुर-दिल्ली आदि में लोको पॉयलट बीच रास्ते में मालगाड़ियां बदलकर चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि रनिंग स्टाफ को बॉयोमीट्रिक हाजारी लगाने और ब्रेथ एनेलाइजर कराने से छूट दे दी है। पूर्व में इस प्रक्रिया के बगैर रनिंग स्टाफ को ड्यूटी पर नहीं माना जाता था।

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