बिहार के नवादा जिले के हिसुआ भाजपा विधायक अनिल सिंह से जुड़े कोटा प्रकरण का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे जुड़े मामले में फिर एक विभागीय कार्रवाई हुई है। इस बार गाज विधायक के दो बॉडीगार्ड पर गिरी है। नवादा के एसपी हरि प्रसाथ एस ने विधायक के दो बॉडीगार्ड राजेश कुमार और शशि कुमार को निलंबित कर दिया है।
दोनों पर आरोप है कि सक्षम प्राधिकार के अनुमति के बिना वे राज्य से बाहर यानि कोटा गये। नियमानुसार राज्य से बाहर जाने के लिए आईजी की अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन दोनों ने ऐसा नहीं किया। साथ ही दोनों पर यह भी आरोप है कि जब उनसे इस बारे में शोकॉज किया गया तो दोनों ने झूठ बोला कि वे लोग कोटा नहीं गये थे। दोनों ही मामलों को विभागीय निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया गया।
बता दें कि इससे पूर्व इस मामले में विधायक की गाड़ी को राज्य से बाहर जाने की अनुमति देने के लिए नवादा के सदर एसडीओ अनु कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 अप्रैल को निलंबित कर दिया था। साथ ही विधायक की गाड़ी ड्राइव कर कोटा ले जाने के आरोप में सरकारी ड्राइवर को विधानसभा सचिवालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था। मामला विधायक द्वारा लॉकडाउन के दौरान उनकी बेटी को कोटा से पटना लाने से जुड़ा है। हालांकि विधायक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे विशेष परिस्थिति में लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए अनुमति लेकर अपनी बीमार बेटी को लाने कोटा गये थे।
अनील सिंह को सचेतक पद से हटाने की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने लॉकडाउन तोड़ने के अपराध में सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने हिसुआ के भाजपा विधायक अनील सिंह को सचेतक पद से हटाने की मांग की है। कहा है कि ड्राइवर एवं एसडीओ को सजा दी गई पर इस गलती को करने का दबाव बनाने वाले सचेतक एवं विधायक की निन्दा तक सरकार या शासक पार्टी ने नहीं की। विधायक को सचेतक होने के नाते सरकारी गाड़ी मिली थी। सचेतक होने के नाते उनकी जिम्मेवारी इन सरकारी कर्मचारियों से कहीं ज्यादा है। कहा कि भाजपा विधायक अनिल सिंह को सचेतक पद से अविलम्ब हटाना चाहिए। लॉकडाउन में फंसे हजारों विद्यार्थियों एवं मजदूरों को अपने घर सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की ।
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