उत्‍तर प्रदेश के रामपुर में अपने घर जाने के लिए चार जमाती इंदौर के क्‍वारंटाइन सेंटर से चकमा देकर फरार हो गए। इसमें उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश जाने वालेे एक ट्रक की मदद ली जो केले से भरा था। एवज में इन्‍होंने ट्रक चालक को मुंहमांगी रकम भी दी लेकिन मुरैना में पुलिस ने इन्‍हें पकड़ लिया। ये सभी अस्‍पताल में भर्ती हैं और केले से भरा ट्रक भी वहीं खड़ा है क्‍योंकि ट्रक के ड्राइवर और क्‍लीनर के भी सैंपल जांच के लिए गए हैं।
केले ने चेकिंग से किया बचाव
ट्रक केले से भरा था इसलिए कई जिलों के बॉर्डर पर चेकिंग से बच गया। रास्‍ते में इन जमातियों ने गुना में एक ढाबे से खाना पैक कराया। दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशक नई दुनिया के अनुसार, ट्रक अलीगढ़ का था, ऐसे में जमाती भी घर पहुंचने को लेकर पूरी तरह बेफिक्र थे।
..तो पकड़ में नहीं आते फरार जमाती
इंदौर से समय रहते सूचना मिलने पर ट्रक को राजस्थान की सीमा लगने से कुछ किमी पहले पकड़ लिया गया, यदि यहां भी चूक होती तो ट्रक धौलपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रवेश कर जाता। बता दें कि इंदौर के क्वारंटाइन सेंटर से भागे कोरोना संक्रमितों सहित चार जमातियों को गुरुवार रात मुरैना की सरायछोला थाना पुलिस ने पकड़ा था। फरार जमातियों की पहचान अब्दुल सलाम, रईश आलम, तनवीर हमीर हुसैन व मुंशी रफीक के तौर पर की गई। ट्रक के केबिन की छत पर तीन जमाती बैठे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इन्‍हें स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया। ट्रक के ड्राइवर व क्लीनर को भी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है।
ड्राइवर से बदलवाया था रास्‍ता
पुलिस से बचने के लिए चारों जमातियों ने ट्रक ड्राइवर से कहकर ग्वालियर की सीमा में आने पर रास्ता बदलवा लिया था। शिवपुरी रोड से ट्रक बायपास होकर झांसी रोड पर पहुंचा और बायपास से मालनपुर और रिठौरा होकर टेकरी पर निकला और हाइवे से धौलपुर की ओर रवाना हो गया। इंदौर पुलिस चारों के मोबाइल नंबर के साथ लोकेशन ट्रेस कर रही थी। मुरैना हाइवे पर लोकेशन मिलते ही सरायछोला थाने को सूचना दी गई।
डॉक्‍टर को सुनाया, बेबसी और मजबूरी की कहानी
डॉक्टरों को जमातियों ने अपनी मजबूरी का गाथा सुनाया पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्‍हें घरों से दूर क्‍वारंटाइन सेंटर में रखा गया और इसलिए भागने को मजबूर थे। उन्‍होंने कहा इस दौरान रास्ते में किसी के संपर्क में नहीं आए। केवल गुना में एक ढाबे से खाना पैक कराया था। जमातियों ने बताया कि उनका एक साथी बंगाल का था इसलिए नहीं आया।
आइसोलेशन नहीं बर्न वार्ड में रखे गए दो जमाती
दिल्‍ली में जमातियों द्वारा नर्स के साथ अभद्रता मामला आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने फैसला लिया कि संक्रमित अब्दुल सलाम व रईश आलम को आइसोलेशन वार्ड में रखने की जगह बर्न वार्ड में रखा जाए। बता दें कि अभी बर्न वार्ड खाली है। इसके अलावा संदिग्‍ध तनवीर हमीर हुसैन, मुंशी रफीक व ट्रक के ड्राइवर-क्लीनर अभी मेडिकल वार्ड में हैं क्‍योंकि अभी टेस्‍ट रिपोर्ट नहीं आई है। अस्पताल प्रबंधन ने चारों जमातियों व ट्रक ड्राइवर-क्लीनर के भी सैंपल कराए हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इंदौर से उन्हें कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इसलिए सभी के सैंपल कराए हैं। प्रबंधन के मुताबिक चारों को कोरोना  पॉजिटिव मानकर ही इलाज किया जा रहा है।
पुलिस के जवानों की तैनाती
मुरैना के मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. आरसी बांदिल ने बताया कि चारों जमातियों को पॉजिटिव मानकर इलाज शुरू किया गया है। इसके बावजूद इन सभी के सैंपल लिए गए हैं। एहतियातन इन्‍हें बर्न वार्ड में रखा गया है और सुरक्षा के लिए वार्ड के पास पुलिस को तैनात किया गया है। जब से अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना है और उसमें मरीज भर्ती हुए हैं, तब से एसडीआरएफ, पुलिस व एसएएफ के जवान तैनात हैं। वहीं रात में चार जमातियों के आने के बाद पुलिस लाइन से गार्ड तैनात किए गए हैं।
जमातियों के आने से मुश्‍किल
जमातियों को पकड़ तो लिया पर अब जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग मुश्किल में फंस गया है। जिले में पहले पाए गए 14 कोरोना पॉजिटिव में से 11 के निगेटिव होने से प्रशासन राहत की सांस ले रहा था। अचानक 4 जमातियों के आने से अब यहां संख्या बढ़ गई है क्‍योंकि नियमानुसार इन लोगों को इंदौर नहीं भेजा जा सकता। इन्हें यहीं रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। जिला ग्रीन जोन में आने वाला था, लेकिन जमातियों के आने से अब मुश्किल होगी।
गल रहे हैं ट्रक में भरे केले
केले से भरे ट्रक के ड्राइवर व क्‍लीनर भी अस्‍पताल में भर्ती हैं और उनके रिपोर्ट आने में चार-पांच दिन का समय लग जाएगा। जब तक उनकी रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती, तब तक उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। गर्मी के मौसम के कारण केले खराब हो जाएंगे। थाना प्रभारी योगेंद्र यादव का कहना है कि वरिष्ठ अफसरों से इस संबंध में मार्गदर्शन लेकर कार्रवाई करेंगे।
ट्रक का होगा सैनिटाइजेशन
जमाती ट्रक के अंदर व केबिन के ऊपर छत पर बैठे थे। ऐसे में इन दोनों ही जगहों पर वायरस की आशंका है। इसलिए पुलिस ट्रक से दूर भी है। ट्रक अलीगढ़ के हमवीर सिंह का बताया गया है। पुलिस मालिक को बुलाकर ट्रक उसे सुपुर्द करने के मूड में है। इससे पहले ट्रक को सैनिटाइज कराया जाएगा, इसके बाद ही छोड़ा जाएगा।
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