पटना: बिहार (Bihar) के अप्रवासी मजदूरों का मुद्दा धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोटा में अपने राज्य के विद्यार्थियों को बसें भेजकर वापस बुलाया जिसके बाद यह मुद्दा और भी अधिक बढ़ता जा रहा है. वहीं, सूत्रों की मानें तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को गलत ठहराया है.
सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार ने कहा है कि ये कदम लॉकडाउन के सिद्धांत के साथ अन्याय है. गौरतलब है कि योगी सरकार ने कोटा में फंसे उत्तर प्रदेश के छात्रों को निकालने के लिए स्पेशल बस भेजने का फैसला किया है. इसे लेकर 13 तारीख को पत्र लिख कर बिहार के मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव को कोटा जिलाधिकारी के ग़ैरजिमेदार कदम की ओर ध्यान दिलाया था और कहा था कि कोटा जिलाधिकारी ने गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन किया है.
वहीं, मंत्री और जेडीयू नेता नीरज कुमार ने बिहार सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा है कि किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने जाने की परेशानी कोई घर परिवार से दूर लेकिन अपना कर्तव्‍य निभा रहे हैं और मैं आपको नमन करता हूं. नीरज कुमार के अनुसार, पीएम ने साफ कहा है कि आर्थिक रूप से हमें परेशानी है लेकिन भारतवासियों की जिंदगी से इसकी तुलना नहीं की जा सकती है. सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का लाभ देश को मिला है.
नीरज कुमार ने ये भी कहा है कि बच्चे चाहे पुडुचेरी में हो या कोटा में हैं, वो हमारे देश के भविष्य हैं. राज्य सरकारों से निवेदन करके वहां उनकी सहुलियत बढ़नी चाहिए. साथ ही, उन्होंने सवाल किया है कि एक बस से 25 बच्चे आ रहे हैं तो ये 75 मीटर का बस कैसे बन गया है? इसलिए भावना की बुनियाद पर नहीं बल्कि मानवता की रक्षा पर विचार करें और केंद्र सरकार के निर्देश का पालन होना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा कि वो बच्चे वहां से चलेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है. तो लॉकडाउन क्यों किया जा रहा है? राज्य सरकार से ना संवाद किया गया है और ना तो भारत सरकार से अनुमति नहीं ली गई है. बिहार सरकार ने इसपर पहले ही आपत्ति व्यक्त की है. देश के दूसरे राज्यों में रह रहे बाकी राज्य के लोगों ने क्या अपराध किया है. पीएम की मंशा का अनुपालन हर हाल में होना चाहिए साथ ही विपक्ष के आरोपों पर कहा कि विपक्ष के लोग खुद बिहार में नहीं है और उन्हें खुद क्वारंटाइन हो जाना चाहिए.

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