भरतपुर जिले में शनिवार सुबह करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज में कोरोना ड्यूटी में कार्यरत डॉक्टर को पुलिसकर्मी ने गर्दन पर थप्पड़ जड़ दिया। इससे नाराज डॉक्टरों ने एकत्रित होकर हड़ताल करने की चेतावनी दी व सीएमएचओ को लिखित में शिकायत भी दी। डॉक्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि वहां पहले से मौजूद एक प्रशासनिक अधिकारी ने उन्हें यह तक कह दिया कि वह शक्ल से डॉक्टर ही नहीं लग रहा है। बाद में खुलासा हुआ आरोप एसडीएम पर लगाया गया था। हड़ताल चेतावनी के बाद प्रशासन भी सकते में आया। आनन-फानन में सीएमएचओ ऑफिस में बैठक कर राजीनामा कराया गया। पुलिस का कहना था कि डॉक्टर के दस्तावेज व हेलमेट भी नहीं था।
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में कोरोना ड्यूटी में कार्यरत डॉ. सतेंद्र डागुर पुत्र छीतरिया डागुर स्कूटी से घर जा रहे थे।  पुलिसकर्मियों के रोकने पर वह रुके, उन्होंने जेब से आइकार्ड निकाला ही था कि उससे पहले ही एक पुलिसकर्मी ने पीछे से उनकी गर्दन पर थप्पड़ मार दिया। जब उसने समझाने की कोशिश की तो एक प्रशासनिक अधिकारी भी उल्टा पड़ गए। ऐसे में डॉक्टर ने सीएमएचओ व मेडिकल कॉलेज में सूचना दी। इस पर वहां काफी संख्या में डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. अंकित गर्ग, डॉ. अंकित बिंदल, डॉ. भवानीशंकर, डॉ. भवानी सिंह, डॉ. भास्कर पांडेय, डॉ. दिव्यांशु, डॉ. महेंद्र, डॉ. रोहिताश आदि एकत्रित हो गए। घटना को लेकर विरोध व्यक्त करने लगे। सूचना पर पीटीएस कमांडेंट परमाल सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे। जहां समझाइश कर उन्हें भेज दिया गया।
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