दुनियाभर में जारी कोरोनावायरस (Coronavirus) के कहर के बीच WHO ने नई चेतावनी (Warning) जारी की है. WHO ने चेताया है कि कोरोना वायरस हमारे साथ लंबे वक्त तक रहने वाला है. इससे पहले WHO ने आगाह किया था कि आने वाले समय में कोरोना वायरस के भयंकर रूप देखने को मिलेंगे. लेकिन WHO ने ये नई चेतावनी कोरोना वायरस के लगातार बदलते ट्रेंड को लेकर की है.

WHO के महानिदेशक ट्रेड्रोस ए गेब्रेयेसस ने वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि, 'कई देशों में महामारी अभी शुरुआती चरण में है और जहां से महामारी की शुरुआत हुई थी वहां दोबारा मामले दिखने लगे हैं. हमें बहुत आगे जाना है और यह सुनिश्चित करें कि कोई गलती न हो.
यह वायरस हमारे साथ लंबे समय तक रहेगा.'

WHO ने साफ साफ सभी देशों को ये चेतावनी दी कि ज़रा सी एक चूक या जल्दबाज़ी या लापरवाही भारी पड़ सकती है क्योंकि कोरोना वायरस ने वापस उस जगह पर भी सिर उठाना शुरू कर दिया है जहां से उसकी शुरुआत हुई थी और फिर उसके खात्मे का दावा भी किया गया था.

WHO का इशारा साफ तौर पर चीन के वुहान को लेकर था. वुहान में कोरोनावायरस के संक्रमण के नए मामलों में कमी आने के बाद लॉकडाउन हटा दिया गया था. लेकिन वुहान में फिर से कोरोना संक्रमण के नए मामले अलग रूप में आ रहे हैं. कई ऐसे मरीज़ों में फिर से कोरोना पॉज़िटिव की पुष्टि हुई जो की दो महीने पहले कोरोना से ठीक हो चुके थे. ऐसे में कोरोना के मामले में अब दुनिया में ट्रेंड बदलते दिख रहे हैं. लोगों में इसके लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं जो कि संक्रमण फैलने में बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.WHO ने ही इससे पहले चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस से दुनिया में इससे भी बुरा वक्त आने वाला है. WHO के निदेशक टेड्रोस ने कोरोनावायरस के संक्रमण की तुलना 1918 के स्पेनिश फ्लू से की थी जिसमें एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. टेड्रोस ने लॉकडाउन हटाने को लेकर दुनिया के देशों को एहतियात बरतने को कहा.

दरअसल दुनिया के कई देश लॉकडाउन में ढील दे रहे हैं या फिर हटा रहे हैं. इस पर WHO ने चेताया था कि ये जल्दबाज़ी कहीं गंभीर नतीजे भुगतने की वजह न बन जाए. WHO ने दुनिया के तमाम देशों से लॉकडाउन हटाने में जल्दीबाजी न करने की अपील की थी. उसका कहना था कि सरकारों को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन को धीरे धीरे हटाना होगा क्योंकि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अभी सतर्क रहने की जरूरत है.

यूरोप के कई देश लॉकडाउन धीरे धीरे हटाने की तैयारी कर रहे हैं. दरअसल इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि कोरोना से जहां हज़ारों लोगों की मौत हर देश में हुई तो साथ ही लाखों करोड़ की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा.

दुनिया में अब तक कोरोनावायरस के संक्रमण की वजह से 26 लाख से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं जबकि 1 लाख 82 हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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