बिहार में कोरोना के खिलाफ लगातार जंग जारी है. हर रोज पल-पल बदलते आंकड़ों के बीच सरकार भी इस महामारी से निपटने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही है. इसी बीच सीएम नीतीश कुमार ने कई फैसले लिए हैं. दरअसल सीएम नीतीश कुमार आलाधिकारियों के साथ कोरोना और लॉकडाउन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक कर रहे थे.

बैठक में कई फैसले लिए गए हैं. बाहर के राज्यों में फंसे बिहारियों को वापस लाने के लिए सात दिनों में इंतजाम करने के निर्देश सीएम ने दिए हैं. उन्होंने कहा कि जो बिहारी अभी भी बाहर फंसे हुए हैं उन्हें सात दिनों के अंदर बुलाने के लिए इंतजाम किए जाएं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी कीमत पर अन्य राज्यों के साथ-साथ रेलवे से समन्वय स्थापित कर 7 दिनों के अंदर प्रवासियों को बिहार लाने की व्यवस्था की जाए. इसके अलावा सीएम ने पटना सहित राज्य के अन्य शहरों में फंसे ऐसे लोगों को वापस भेजने की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, जो लॉकडाउन के कारण अपने घर नहीं जा पा रहे हैं. सरकार ने इसके लिए अधिकारियों को इंतजाम करने का निर्देश दिया है.

साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया है कि बाहर से आ रहे लोगों की रैंडम कोरोना जांच कराने की बजाय अब ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना टेस्ट कराने पर फोकस किया जाए. अधिकारियों को इसके लिए पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया गया है. सरकार राज्य में कोरोना जांच की क्षमता बढ़ाने पर पूरा फोकस लगा रही है ताकि राज्य के अंदर कोरोना चेन को तोड़ा जा सके.

मुख्यमंत्री ने हाई लेवल मीटिंग के दौरान सभी जिलों में कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराने को लेकर एक बार फिर से समीक्षा की है. साथ ही साथ बाहर से आ रहे लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रखंड और पंचायत स्तर पर क्वारेंटाइन सेंटर की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षक को निगरानी करने का जिम्मा दिया है. क्वारेंटाइन सेंटर में साबुन, सैनिटाइजर और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने आवश्यक निर्देश दिए हैं.
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