बिहार पुलिस में ट्रेनिंग और तबादले को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक उस जिले या इकाई में दोबारा तैनात नहीं हो सकते हैं जहां एक बार रह चुके हैं। जिला, रेंज और इकाइयों के लिए जो समय सीमा तय है उससे ज्यादा रहने की इजाजत भी किसी को नहीं मिलेगी। ट्रेनिंग के आखिर में होनेवाली परीक्षा को लेकर भी नियम बने हैं। सिपाही, दारोगा या डीएसपी को इस परीक्षा में फेल होने पर अधिकतम दो अवसर पास करने को मिलेंगे। सोमवार को इसेसे संबंधित पुलिस आर्डर जारी कर दिया गया।

निर्धारित अवधि पूरी होने, प्रोन्नति, अनुकंपा, प्रशासनिक आधार, सेवानिवृत्ति की निकटता व विशेष इकाइयों में चयन होने पर ही तबादले होंगे। सेवानिवृत्ति की निकटता के आधार को छोड़ बाकी तबादले की दो शर्त होगी। गृह जिला व दोबारा वहां तैनात नहीं होंगे जहां रह चुके हैं। अवधि की गणना 31 दिसम्बर से होगी। वहीं तबादले के लिए हर वर्ष 15 अप्रैल तक आदेश जारी होगा व 31 मई तक पालन करना होगा। तबादले के लिए दो श्रेणी होगी। एक में वैसे अधिकारी व जवान होंगे जिनका रिकार्ड अच्छा है। दूसरी सूची में दागी पुलिसकर्मी होंगे। सबसे पहले अच्छे रिकार्ड वाले के तबादले पर विचार होगा व उपलब्धता के आधार पर मनचाही पोस्टिंग मिलेगी। अनुकंपा के आधार पर साल में दो दफे स्थानांतरण होगा। एसटीएफ, एटीएस, एसएसजी, अकादमी व प्रशिक्षण संस्थानों, निगरानी व लोकायुक्त में तैनाती उन्हीं की होगी जो विशेष अर्हता रखते हैं। स्थानांतरण आदेश के 30 दिनों के अंदर योगदान देना होगा।

30 से ज्यादा अनुपस्थित पर दोबारा होगा प्रशिक्षण
सिपाही, दारोगा और डीएसपी को ट्रेनिंग में कम छुट्टी मिलेगी। यह दस कार्य दिवस से अधिक नहीं होगा। ज्यादा हुआ तो प्रशिक्षण संस्थान में रोका जाएगा। पाठ्यक्रम पूरा कराकर अगल से परीक्षा ली जाएगी। 30 दिन से ज्यादा अनुपस्थिति पर प्रशिक्षण सत्र से बाहर कर दिए जाएंगे। उन्हें दोबारा अगले सत्र में शामिल होना पड़ेगा। जबतक ट्र्रेंनग नहीं शुरू होगी वे जिलों में व्यावहारिक प्रशिक्षण में रहेंगे।

ग्रेस मार्क की परंपरा खत्म
ट्रेनिंग में किसी विषय में कम नंबर होने पर ग्रेस मार्क देकर पास करने की परंपरा समाप्त कर दी गई है। सिपाही, दारोगा या डीएसपी पर यह लागू होगा। अंतिम परीक्षा के किसी विषय में फेल रहने पर प्रशिक्षु को दो मौके मिलेंगे। इस दौरान भी पास नहीं होते तो सेवा से हटा दिया जाएगा। ट्र्रेंनग के आखिर में परीक्षा में प्राप्तांक ही उनकी वरीयता में जुड़ेगा।

सीएम का रिवाल्वर पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु डीएसपी व दारोगा को मुख्यमंत्री का रिवाल्वर सम्मान मिलेगा। आउटडोर ट्रेनिंग में सबसे ज्यादा अंक लानेवाले डीएसपी, दारोगा को डीजीपी की रैतिक तलवार और ट्रेनिंग के आखिर में होनेवाली विभिन्न विषयों की परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक लानेवाले को डीजीपी रैतिक बैटन (छड़ी) पुरस्कार मिलेगा।


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