भारत के किसान अपने सभी देशवासीयो के लिए अनाज सब्जी फल उगाने की तैयारी में दिन रात अथक परिश्रम कर सोचते रहता है की मेरा कोई देशवासी भूखा ना सोए
किसान यह सोचता है मैं अनाज सब्जियों का फलों का खेती ना करेंगे तो मेरा देश खाएगा कहां से यह चिंता से व्याकुल रहता है किसान लेकिन हमारे देश का दुर्भाग्य कहिए किसानों के लिए कोई नहीं सोचता जिस किसान के 1 वोट से देश में प्रजातांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत पार्लियामेंट में लोग वातानुकूलित व्यवस्था में रहते हुए देश पर राज करता है लेकिन किसानों को कभी मान सम्मान देने की कोई बात नहीं करता देश के पूजी पतियों का कर्ज सरकार माफ कर देती है लेकिन कभी भी सरकार यह नहीं सोचती किसानों को मुफ्त बिजली के मुफ्त खाद्य उनके किसानों में कोई कर्ज हो तो उसे माफ किया जाए यह सोच कभी भी कोई सरकार नहीं करता सरकार अंधा गूंगा बहिरा की तरह कानों में सुनते रहता है लेकिन किसानों की चिंता कभी नहीं करता फसल की उगाही से तबाही प्राकृतिक आपदा से किसान त्राहिमाम करते रहता है लेकिन सरकार कभी भी उचित निर्णय नहीं लेता किसान रात दिन शिशक्ती ठंडक चिलचिलाती धूप में फसल उड़ा कर पूरे देश को भोजन कराता है हमारे देश के किसान
हमारा देश का दुर्भाग्य है जिसकी वोट से राजगद्दी पर लोग बैठ के उसके बारे में ना कोई सोच है ना कोई फंड है ना उचित मुआवजा है इस देश का किसान क्या करेगा फैसला तमाम देशवासियों के हाथ में होगा
 मैं वादा करता हूं हिंदुस्तान का बेटा रविंद्र कुमार जब राष्ट्रीय अपना दल की सरकार होगी रात दिन सबसे पहले किसानों का काम करेगा मैं हनुमान नहीं छाती फाड़ कर दिखा दूं लेकिन मेरा पक्का इरादा, पक्का वादा आपका बेटा किसानों का बेटा रविंद्र कुमार छाती ठोक कर कहता है आर ए डी का सरकार होगा किसानों का काम सबसे पहले होगा
निवेदक-रविंदर कुमार
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स: बिहार प्रदेश प्रभारी (राष्ट्रीय अपना दल)
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