प्रकृति का दंश झेल सबकुछ गंवा चुके किसानों को फसल क्षतिपूर्ति मद से दिए जाने वाले इनपुट अनुदान का ही सहारा है। अनुदान हेतु पंजीकरण प्रक्रिया से वंचित रहे सैकड़ो किसानों के लिए चार से ग्यारह मई कुल सात दिनों के लिए मौका उपलब्ध कराया गया है। परंतु कृषि विभाग का सर्वर लगातार फेल रहने के कारण प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों  किसान आवेदन नहीं कर पाए   लॉकडाउन के बीच लगातार कैफे का चक्कर लगा रहे किसानों में रोष व्याप्त थी।

किसानों की शिकायत है कि सरकार और विभाग के मिलीभगत से साजिश स्वरूप ऐसा किया जा रहा है, ताकि अधिकांश किसानों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सके। नगर व प्रखंड क्षेत्र के पंजीयन से वंचित किसानों में शामिल रवि राज, राजेश कुमार नीरज सिंह, बिपुल कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि सर्वर काम नहीं करने को लेकर विभाग से शिकायत भी किया है, पर कोई समाधान होता नहीं हो पाया लिहाजा सैकड़ों किसान आवेदन नहीं कर पाए है

साइबर कैफे के राजेश कुमार ने बताया कि सर्वर फेल रहने के कारण काफी मशक्कत के बाद भी प्रतिदिन एक से दो किसानों का ही आवेदन हो पा रहा था जबकि सौ से अधिक किसानों का आवेदन रजिस्ट्रेशन हेतु जमा था जो कि हो ही नही पाए। विदित हो कि कृषि विभाग द्वारा दिया जाने वाला कृषि इनपुट अनुदान योजना उन रबी फसल उत्पादक किसानों के लिए है, जो असामयिक वर्षा व ओलावृष्टि से पीड़ित हैं।
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