लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों से प्रवासियों की वापसी के बीच बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन पर एक द’र्दनाक हा’दसा हो गया। दिल्ली से लौटा एक पिता अपने चार साल के भूखे बेटे के लिए दूध ढ़ूंढ़ता रहा, इस बीच उसकी मौ’त हो गई। घ’टना के बाद मृ’त बच्‍चे के स्‍वजनों ने जमकर बाल काटा। स्‍वजनों ने स्‍टेशन पर बदइंतजामी का आ’रोप लगाया। उधर, मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने बच्चे की मौ’त का कारण बीमारी बताया।



Bihar Lockdown: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर दर्दनाक हादसा; उधर पिता ढूंढता रहा दूध, इधर बच्चे ने तोड़ा दम


पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया थाने के लंगड़ी निवासी मो. पिंटू के पुत्र मो. इरशाद की मौत मुजफ्फरपुर  जंक्‍शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर बीेते दिन हुई। उसकी मौत से नाराज स्वजनों ने वहां जमकर हं’गामा किया। स्वजन बच्चे की मौ’त के लिए बदहाल व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए घर वापसी के लिए वाहन की मांग कर रहे थे। मौके पर तैनात रेलवे के अधिकारी और डीटीओ रजनीश लाल स्वजनों को शांत करने की कोशिश की।



डीटीओ की पहल पर प्लेटफॉर्म पर एंबुलेस लाई गई, लेकिन इसके बाद स्वजन मुआवजे की मांग को लेकर अड़ गए। सूचना मिलते ही एडीएम राजेश कुमार और एडीएम आपदा अतुल कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंच स्वजनों से बात कर मुआवजे का आश्वासन दिया। लेकिन, स्वजन बतौर मुआवजा नकदी की मांग पर अड़े रहे। बाद में रेल पुलिस ने बयान दर्ज कर स्वजनों को उनके जिले के लिए रवाना किया। जबकि, एडीएम आपदा ने सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा का आश्वासन दिया।




मृत बच्‍चे के पिता मो. पिंटू ने बताया कि वे अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ दिल्ली के रमा बिहार में पेंट कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन के चलते फंस गए थे। उन्होंने दिल्ली में अपना सारा सामान बेच मकान खाली कर दिया। चार बच्चों समेत 12 लोग दिल्ली से सीतामढ़ी जाने वाली ट्रेन से 10.30 बजे सुबह मुजफ्फरपुर जंक्शन पर उतरे। इसके बाद उन्हें न तो बस मिली और न हीं ट्रेन। वे भूखे बच्चे के लिए दूध की तलाश करते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।



बेटे की मौत के बाद मां जेबा खातून बदहवास दिखी। वह बार-बार बेहोश हो रही थी। जबकि, जेबा की बहन सोनी खातून अपने तीन माह के बच्चे को गर्मी से बचाने का प्रयास कर रही थी।

रिपोर्टर //   चितरंजन कुमार मुजफरपुर से
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