नई दिल्लीः केंद्र सरकार ज़ोन वाइज़ स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार कर रही है. सरकार विचार कर रही है कि पहले ग्रीन और ओरेंज जोन में स्कूलों (Schools in Green and Orange Zone) को खोला जाए. इसमें भी पहले बड़े बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा, आठवीं तक के बच्चों को अभी घर से ही पढ़ाई करनी होगी क्योंकि वे पूरी तरह से अपने लिए सेप्टी नॉर्म्स का ध्यान नहीं रख सकते.

दो महीने से बंद हैं स्कूल

स्कूलों को खोलने के लिए आधिकारिक गाइडलाइन इस हफ्ते के अंत तक जारी कर दी जाएगी. जब सभी मत्रालय की सहमति हो जाएगी तो अंतिम फैसला ले लिया जाएगा. चूंकि सारे स्कूल 16 मार्च से बंद हैं. तब से अब तक दो महीने हो चुके हैं. इसलिए अब सबके दिमाग में यही बात चल रही है कि आखिर स्कूलों को कब खोला जाएगा.

30 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे स्कूल

 रिपोर्टर के मुताबिक स्कूलों को जुलाई में खोला जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए सिर्फ 30 प्रतिशत उपस्थिति ही सुनिश्चित की जाएगी. छात्रों व दूसरों को गाइडलाइन्स फॉलो करने के लिए टीचर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा. यह खबर करीब 10 दिन बाद आई है जबकि मानव संसाधन विकास मंत्री ने रमेश पोखरियाल निशंक ने इस बारे में संकेत दिया था कि स्कूल-कॉलेज को खोलने के पहले सुरक्षा के पूरे उपाय अपनाए जाएंगे.

यूजीसी और एनसीआरटी मिलकर बना रहीं गाइडलाइन्स


मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा था कि यूजीसी और एनसीईआरटी छात्रों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन बना रही है. स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के लिए गाइडलाइन्स बनाए जाएंगे. तीनों के लिए गाइडलाइन्स अलग अलग होंगे.

इन सेफ्टी गाइडलाइन्स के तहत टीचर्स को मास्क और ग्लब्स पहनना होगा, स्कूलों में थर्मल स्कैनर लगाया जाएगा. थ्री सीटर पर केवल दो स्टूडेंट ही बैठ पाएंगे. सीसीटीव से पता लगाया जाएगा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है.

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